बुधवार, 3 जून 2026

डिजिटल अरेस्ट से बुजुर्गों को बचाएगा बैंकों का नया 'Dual OTP' सिस्टम, पुलिस ने जारी की सख्त गाइडलाइंस 

 Dual OTP System kya hai : आजकल हर किसी के साथ किसी न किसी बहाने ऑनलाइन ठगी हो रही है। साथ में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी इनवेस्टमेंट स्कीम के जरिए आम लोगों के साथ साथ बुजुर्गों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए अब बैंक ने डूअल ओटीपी सिस्टम शुरू किया है।

अब इस नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी बड़े ट्रांजैक्शन के लिए दो अलग-अलग लोगों के पास OTP जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस नए सुरक्षा चक्र को लेकर आम जनता के लिए विशेष अलर्ट और एडवाइजरी जारी की है।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने जून 2026 की इस बड़ी अपडेट में बुजुर्गों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बैंकों के 'डुअल OTP सिस्टम' (Dual OTP System) को सबसे बड़ा हथियार बताया है। लगातार बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए कई प्रमुख बैंकों ने अपने खाताधारकों, खासकर सीनियर सिटीजंस के लिए यह अतिरिक्त सुरक्षा लेयर अनिवार्य करनी शुरू कर दी है। इस सिस्टम के लागू होने से साइबर ठगों द्वारा डरा-धमकाकर पैसे ट्रांसफर कराने के धंधे पर पूरी तरह ताला लग जाएगा।

क्या है यह डुअल OTP सिस्टम ? यह कैसे काम करेगा? 



ऑनलाइन बैंकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किया गया डुअल OTP सिस्टम वित्तीय लेनदेन के दौरान सुरक्षा का एक अभेद्य किला खड़ा करता है। इस नई व्यवस्था में किसी भी विशेष या बड़े ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए बैंक एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग वन-टाइम पासवर्ड (OTP) जारी करता है। इसमें पहला OTP हमेशा की तरह सीधे खाताधारक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर डिलीवर होता है। इसके तुरंत बाद, दूसरा OTP खाताधारक के बैंक अकाउंट से लिंक किए गए किसी भरोसेमंद परिवार के सदस्य, कानूनी वारिस या नॉमिनी के मोबाइल पर भेजा जाता है। जब तक नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप में ये दोनों अलग-अलग OTP दर्ज नहीं किए जाएंगे, तब तक बैंक खाते से एक रुपया भी ट्रांसफर नहीं हो सकेगा।

फर्जी पुलिस कॉल्स का खेल खत्म होगा 

साइबर अपराधी अक्सर खुद को सीबीआई, कस्टम विभाग, पुलिस अधिकारी या रिजर्व बैंक का प्रतिनिधि बताकर बुजुर्गों में जेल जाने का डर पैदा कर देते हैं। ठग पीड़ितों को घंटों तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर यानी डिजिटल अरेस्ट करके जल्दबाजी में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं। इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य अपराधियों द्वारा बनाए जाने वाले इसी मानसिक दबाव को बेअसर करना है। अगर शातिर ठग डरा-धमकाकर या झांसा देकर खाताधारक से पहला OTP हासिल करने में कामयाब हो भी जाते हैं, तो भी वे दूसरा OTP पाए बिना चोरी नहीं कर पाएंगे। दूसरा OTP परिवार के किसी अन्य सदस्य के पास होने के कारण अपराधी का पूरा प्लान फेल हो जाएगा।

लोगों को मिलेगा रियल-टाइम अलर्ट 

इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल OTP तक सीमित नहीं है। अगर बुजुर्ग खाताधारक के अकाउंट से कोई असामान्य वित्तीय गतिविधि या आधी रात को कोई बड़ा ट्रांजैक्शन करने की कोशिश की जाती है, तो बैंक तुरंत परिवार के नामित सदस्य को इमरजेंसी अलर्ट भेज देता है। इस रियल-टाइम चेतावनी के मिलते ही परिवार के लोग तुरंत बीच में दखल दे सकते हैं और ठगी का शिकार हो रहे बुजुर्ग को समय रहते बचा सकते हैं।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने जारी की ये गाइडलाइंस 

नई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के साइबर विंग ने आम जनता से बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि लोग अपने घरों के बुजुर्ग सदस्यों के पास बैठें और उन्हें डिजिटल अरेस्ट जैसे नए दौर के फ्रॉड के बारे में लगातार जागरूक करें। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल के आने पर अपना बैंकिंग पासवर्ड, सीवीवी या कोई भी गोपनीय जानकारी कभी भी साझा न करें। इसके साथ ही पुलिस ने सभी बैंक ग्राहकों को तुरंत अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर यह पता करने की सलाह दी है कि उनके खाते पर डुअल OTP की सुरक्षा सुविधा उपलब्ध है या नहीं, ताकि इसे तुरंत चालू कराया जा सके।

Vastu Tips : क्या टूटी चप्पल को सिलवाकर पहनना चाहिए? इससे शनि देव नाराज होते हैं क्या

 Broken Slipper Vastu Tips in Hindi : कई बार हमारी कंजूसी हम पर भरी पद जाती है। हम सभी ऐसी गलतियाँ करते हैं जो कही ना कही हमें उलझन में डाल देती है। ऐसी ही एक आदत है टूटी हुई चप्पल को दोबारा सिलवाकर पहनना। वास्तु शास्त्र के अनुसार टूटे या पुराने जूते शनि दोष को बढ़ाते हैं। इस कारण आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ सकता है।

लोग चप्पल या जूते के टूट जाने पर उसे मोची से सिलवाकर या चिपकाकर दोबारा पहनने लगते हैं। आम आदमी को लगता है कि इस मरम्मत से कुछ दिनों का खर्च बच गया, लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के कड़े नियमों के मुताबिक यह छोटी सी बचत आपकी बर्बादी का कारण बन सकती है। सनातन परंपरा और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, टूटे हुए फुटवियर न केवल आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूल में मिलाते हैं, बल्कि घर के भीतर भयंकर नकारात्मक ऊर्जा का सैलाब लाते हैं।

फटा जूता देता है शनि देव के प्रकोप को आमंत्रण



जोतिष शास्त्र के गंभीर सिद्धांतों के अनुसार, मनुष्य के पैरों और उसके द्वारा पहने जाने वाले जूतों का सीधा संबंध क्रूर और अनुशासित ग्रह शनि से होता है। शनि देव को हमारे कर्म, जीवन के कड़े संघर्ष और अनुशासन का मुख्य कारक माना जाता है। ऐसे में जब भी कोई व्यक्ति फटी हुई या सिली हुई चप्पलें पहनकर बाहर निकलता है, तो वह ब्रह्मांड में मौजूद शनि की नकारात्मक तरंगों को अपनी तरफ खींचता है। हालांकि आधुनिक विज्ञान इस खगोलीय प्रभाव को प्रमाणित नहीं करता, लेकिन सदियों पुरानी पारंपरिक मान्यताओं में इसे आपके सीधे बनते हुए कामों में अचानक बड़ी बाधाएं आने और व्यापार में भारी घाटे से जोड़कर देखा जाता है।

इस कारण शुरू होती है आर्थिक कंगाली

वास्तु  शास्त्र स्पष्ट रूप से मानता है कि इस दुनिया की हर निर्जीव वस्तु में अपनी एक विशिष्ट ऊर्जा होती है। टूटी-फूटी चीजें सीधे तौर पर वास्तु दोष उत्पन्न करती हैं, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच बेवजह का मानसिक तनाव, क्लेश और अशांति का माहौल बनने लगता है। चप्पलें स्वभाव से ही बाहर की गंदगी, धूल और नकारात्मक तत्वों को समेटती हैं। यदि आप टूटी हुई चप्पल घर के आंगन या मुख्य द्वार पर रखते हैं, तो यह इस बात का प्रतीक है कि आप बाहरी बाधाओं को बिना किसी रोक-टोक के अपने निजी जीवन में प्रवेश दे रहे हैं।

वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे खराब फुटवियर घर में धन की देवी मां लक्ष्मी की विरोधी और दरिद्रता की प्रतीक देवी अलक्ष्मी का परमानेंट वास करवा देते हैं। इसके प्रभाव से घर में धन की आवक पूरी तरह रुक जाती है और अस्पताल व कोर्ट-कचहरी जैसे अनचाहे कामों में पैसों का भारी नुकसान होने लगता है।

टूटे जूते और मनोवैज्ञानिक कारण

धार्मिक पहलुओं से अलग हटकर अगर व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखें, तो फटे हुए जूते-चप्पल आपके पूरे व्यक्तित्व को खराब कर देते हैं। किसी जरूरी बिजनेस मीटिंग, नौकरी के इंटरव्यू या मांगलिक कार्यों के अवसर पर साफ और चमकीले फुटवियर आपके भीतर एक गजब का आत्मविश्वास पैदा करते हैं। इसके विपरीत, मोची से सिली हुई चप्पलें सामने वाले व्यक्ति पर आपका बेहद खराब और नकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं, जिससे करियर में आगे बढ़ने के मौके हाथ से निकल जाते हैं।

जरूरतमंद को दे दें जूते

अगर आपके घर के किसी कोने या सीढ़ियों के नीचे सालों पुराने अनुपयोगी जूते-चप्पल जमा हैं, तो उन्हें तुरंत वहां से हटा दें। ज्योतिष के अनुसार, यदि फुटवियर पहनने लायक स्थिति में थोड़े बहुत ठीक हैं, तो उन्हें साफ करके किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को दान कर देना चाहिए। लेकिन अगर वे पूरी तरह टूट चुके हैं और कबाड़ बन चुके हैं, तो शनिवार के दिन उन्हें घर की सीमा से बाहर निकाल कर उचित तरीके से विसर्जित या नष्ट कर देना चाहिए ताकि घर का वास्तु हमेशा सही रहे।

मंगलवार, 2 जून 2026

Sunroof Car Disadvantages: सनरूफ वाली कार मालिकों की बढ़ी टेंशन, माइलेज गिरने के साथ एसी हो रहा फेल

 Sunroof Car Problems in Summer : चिलचिलाती धूप में कार का सनरूफ फीचर आफत बन रहा है। ताप्ती गर्मी में सनरूफ के कारण कारों का केबिन भट्टी की तरह तप रहा है। इसके साथ ही कार की माइलेज घटने की शिकायतें आ रही हैं। इसको देखते हुए ऑटो एक्सपर्ट्स ने इस मौसम में सनरूफ कारों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर जरूरी चेतावनी जारी की है।

इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में कार खरीदारों का सबसे पसंदीदा सनरूफ फीचर अब उनके लिए जी का जंजाल बन गया है। कुछ साल पहले तक सिर्फ महंगी गाड़ियों में आने वाला यह प्रीमियम फीचर अब बजट कारों में भी धड़ल्ले से मिल रहा है। लोग कार को स्टाइलिश लुक देने और ताजी हवा के लिए इसे खरीदते तो हैं, लेकिन जून की इस तपती धूप में यही सनरूफ कार सवारों की सेहत और जेब दोनों पर भारी पड़ रहा है। ऑटोमोबाइल्स विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी के इस मौसम में सनरूफ वाली कारों के रखरखाव में लापरवाही भारी नुकसान करा सकती है।

भट्टी की तरह तप रहा है केबिन और घट रहा है माइलेज



वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो सनरूफ में इस्तेमाल होने वाला कांच गाड़ी की लोहे वाली मजबूत छत की तुलना में बेहद तेजी से गर्मी को केबिन के अंदर ट्रांसफर करता है। भले ही आजकल की नई कारों में यूवी-प्रोटेक्टेड या टिंटेड ग्लास दिए जा रहे हैं, लेकिन दोपहर की सीधी धूप पड़ते ही कार के अंदर का तापमान सामान्य गाड़ियों से कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। जब केबिन इतना ज्यादा गर्म हो जाता है, तो कार के एयर कंडीशनर (AC) को अंदरूनी हिस्से को ठंडा करने के लिए दोगुनी ताकत लगानी पड़ती है। कंप्रेसर पर लगातार दबाव बने रहने से गाड़ी के इंजन पर लोड पड़ता है, जिससे पेट्रोल और डीजल की खपत अचानक बढ़ जाती है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) में तो इसके चलते बैटरी बहुत तेजी से डिस्चार्ज होने लगती है, जिससे उनकी ड्राइविंग रेंज सीधे तौर पर घट जाती है।

सेहत पर सीधा हमला और रबर सील खराब होने का डर

गर्मियों के दिनों में शौक-शौक में सनरूफ खोलकर ड्राइविंग करना सीधे तौर पर बीमारियों को बुलावा देना है। दोपहर के वक्त सीधे सिर और चेहरे पर पड़ने वाली तेज धूप के कारण कार सवारों को अचानक सिरदर्द, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और स्किन एलर्जी जैसी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही इस झुलसाने वाले तापमान और सड़कों पर उड़ने वाली धूल-मिट्टी का सीधा असर सनरूफ मैकेनिज्म पर पड़ता है। अत्यधिक गर्मी के कारण सनरूफ के चारों तरफ लगी रबर की वॉटरप्रूफ सील सूखकर चटकने लगती है। अगर समय रहते इसकी सर्विसिंग न कराई जाए, तो आने वाले बरसाती मौसम में कार की छत से पानी टपकने की बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

चलती कार में बच्चों को बाहर निकालना जानलेवा

सड़कों पर अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता अपनी चलती गाड़ी के सनरूफ से बच्चों को बाहर निकाल देते हैं। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे व्यस्त इलाकों में यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर ट्रैफिक नियमों का गंभीर उल्लंघन है। तेज रफ्तार गाड़ी में अचानक ब्रेक लगने या सड़क के गड्ढों के कारण बच्चा सीधे बाहर गिर सकता है या उसे गंभीर चोट आ सकती है। इसके अलावा इस मौसम की गर्म थपेड़े और लू के सीधे संपर्क में आने से बच्चे तुरंत बीमार पड़ रहे हैं।

तपती गर्मी में सनरूफ कार मालिकों के लिए जरूरी टिप्स

इस मौसम में कार को हमेशा किसी शेड या छायादार जगह पर ही पार्क करने की कोशिश करें। धूप में गाड़ी चलाते समय सनरूफ के नीचे दिए गए कपड़े के सनशेड (ब्लाइंड) को हमेशा पूरी तरह बंद रखें। अगर आपकी कार धूप में खड़ी थी, तो सीधे एसी ऑन करके बैठने के बजाय पहले दो मिनट के लिए कार के चारों दरवाजे खोल दें ताकि अंदर की गर्म हवा बाहर निकल जाए। दोपहर के समय सनरूफ को पूरी तरह बंद रखें। इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चे सनरूफ से बाहर निकलने की जिद करें तो साफ मन कर दें।

क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिल? गुरु के कर्क राशि में आते ही पैसों के मामले में हो जाएं सावधान

 Guru Gochar 2026 : ग्रहों के राजा और ज्ञान के कारक देवगुरु बृहस्पति ने आज यानी 02 जून 2026 की रात 01:50 बजे एक बहुत बड़ा राशि परिवर्तन किया है। गुरु बृहस्पति अब अपनी पुरानी राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं। ज्योतिष विज्ञान में इस गोचर को साल 2026 की सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी खगोलीय घटना माना जा रहा है। आमतौर पर आम जनता यह मानती है कि गुरु का गोचर हमेशा शुभ और सोने जैसा भाग्य लेकर आता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इस बड़े बदलाव के कारण देश के आम आदमी की जेब, सेहत और पारिवारिक जीवन पर सीधा और बड़ा असर पड़ने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कुल 7 राशियां ऐसी हैं जिन्हें आने वाले समय में मौज-मस्ती करने के बजाय बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

कर्क, वृषभ और मेष राशि वाले अति-उत्साह से बचें



गुरु बृहस्पति सीधे आपकी ही राशि यानी कर्क में आ रहे हैं। यह स्थिति आपके भीतर आत्मविश्वास तो कूट-कूट कर भरेगी, लेकिन इसके साथ ही अति-उत्साह का एक बड़ा खतरा भी लेकर आएगी। अक्सर लोग किस्मत के भरोसे बैठकर मेहनत करना छोड़ देते हैं, यही गलती आपको भारी पड़ सकती है। अनुशासन बनाए रखें और अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखें। वहीं वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं होने वाला है। आपको कार्यस्थल पर सफलता पाने के लिए एक्स्ट्रा जोर लगाना पड़ेगा, साथ ही सहकर्मियों और भाई-बहनों से बात करते समय अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना होगा। मेष राशि के जातकों को इस समय अपने घर और परिवार के मामलों में बहुत ज्यादा अलर्ट रहना होगा। घरेलू जिम्मेदारियां अचानक बढ़ेंगी और यदि आप कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने या घर का रिनोवेशन कराने की सोच रहे हैं, तो बिना कागजात पढ़े साइन बिल्कुल न करें।

कुंभ और तुला राशि के जातकों पर बढ़ेगा काम का बोझ

कुंभ राशि के नौकरीपेशा लोगों को अब ऑफिस में काफी भागदौड़ और कड़े कंपटीशन का सामना करना पड़ेगा। काम का अत्यधिक बोझ आपको मानसिक रूप से चिड़चिड़ा बना सकता है, जिससे बचने के लिए आपको अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना होगा। यदि आपका कोई पुराना कर्ज या कानूनी झगड़ा चल रहा है, तो उसे तुरंत निपटा लें, वरना मुसीबत बढ़ सकती है। तुला राशि वालों के लिए भी यह समय दफ्तर में जिम्मेदारियों का पहाड़ लेकर आने वाला है। आपको तरक्की के नए मौके जरूर मिलेंगे, लेकिन उसके साथ आने वाला मानसिक प्रेशर आपकी रातों की नींद उड़ा सकता है। कार्यस्थल पर ओवर-कॉन्फिडेंस में आकर कोई भी ऐसी बात न कहें, जो आपके प्रोफेशनल रिश्तों को हमेशा के लिए खराब कर दे।

धनु और सिंह राशि वाले आर्थिक फैसलों में बरतें भारी सावधानी

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर जीवन में किसी बहुत बड़े और अचानक आने वाले बदलाव का साफ संकेत है। आपके करियर या पर्सनल लाइफ में अचानक कोई नया मोड़ आ सकता है। इस दौरान पैतृक संपत्ति, इंश्योरेंस या टैक्स से जुड़े पैसों के लेन-देन के मामले बुरी तरह उलझ सकते हैं, इसलिए ठंडे दिमाग से ही कोई भी फैसला लें। सिंह राशि वाले जातकों के लिए गुरु का यह राशि परिवर्तन जेब पर भारी पड़ने वाला है। अचानक होने वाली यात्राओं, सेहत से जुड़ी दिक्कतों या परिवार की जरूरतों पर आपका मोटा पैसा खर्च होने के योग बन रहे हैं। मानसिक उलझनों के कारण गलत फैसले लेने से बचें और अपनी जमा-पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश करें।

गर्मियों में बार-बार हो रहे हैं मुंह के छाले? कहीं वजह पेट की गर्मी तो नहीं?

 


Mouth Ulcers Home Remedies : गर्मियों के मौसम में तेज धूप और पसीने के साथ-साथ मुंह के छालों (Mouth Ulcers) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में पानी की कमी, पेट की गर्मी और जरूरी विटामिनों का अभाव इसका मुख्य कारण बनता है। देश के जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस असहज करने वाली बीमारी के सटीक कारण और इससे तुरंत राहत पाने के बेहद असरदार घरेलू उपायों की जानकारी साझा की है।

देशभर में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में मुंह के छालों (Summer Mouth Ulcers) से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है। तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन के इस मौसम में जीभ, मसूड़ों और होंठों के अंदरूनी हिस्से में होने वाले ये सफेद-पीले घाव आम आदमी का जीना मुहाल कर रहे हैं। इस समस्या के चलते लोगों का खाना-पीना, बोलना और यहां तक कि पानी पीना भी दर्दनाक हो जाता है। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा हॉस्पिटल के आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. श्रेय श्रीवास्तव और प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा ने इस समस्या के पीछे के वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक कारणों को स्पष्ट करते हुए इससे निपटने के कारगर तरीके बताए हैं।

डिहाइड्रेशन और पेट की खराबी है असली विलेन

शारदा हॉस्पिटल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के मुताबिक गर्मियों में इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण शरीर में पानी की कमी होना है। जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो मुंह सूखने लगता है और उसकी बेहद संवेदनशील अंदरूनी परत छिल जाती है, जो बाद में घाव का रूप ले लेती है। इसके अलावा, अत्यधिक पसीना बहने से शरीर से जरूरी विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड जैसे मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इस मौसम में मसालेदार, तला-भुना और गर्म भोजन खाना सीधे तौर पर पेट की गर्मी और कब्ज को बढ़ाता है, जिसका सीधा असर मुंह के अंदर छालों के रूप में दिखाई देता है। मानसिक तनाव और अपर्याप्त नींद भी इस समस्या को गंभीर बना देती है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर आपको मुंह के भीतर सफेद या पीले रंग के छोटे घाव दिखाई दे रहे हैं, जिनके चारों तरफ लालपन है, तो यह मुंह के छाले हैं। ऐसी स्थिति में तीखा या खट्टा खाने पर असहनीय जलन होती है। भोजन निगलने में होने वाली परेशानी और मुंह में लगातार होने वाली चुभन इसके प्राथमिक लक्षण हैं। आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही मानते हैं कि खानपान में थोड़ी सी सतर्कता और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस दर्दनाक समस्या से पूरी तरह बचा जा सकता है।

छालों को तुरंत शांत करेंगे ये घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

डॉ. चंचल शर्मा ने छालों के दर्द और सूजन से तुरंत राहत पाने के लिए कुछ बेहद सरल और प्रभावी उपाय सुझाए हैं। नारियल पानी का नियमित सेवन शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है और पेट को अंदरूनी ठंडक देता है। इसके अलावा, भोजन के साथ ठंडी छाछ का इस्तेमाल पाचन तंत्र के प्रोबायोटिक्स को सक्रिय करता है, जिससे पेट साफ रहता है और छाले ठीक होते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी की 4-5 पत्तियां सुबह-शाम चबाने से मुंह के बैक्टीरिया खत्म होते हैं।

घाव पर साफ उंगली से शहद या एलोवेरा जेल लगाने से इसकी एंटी-बैक्टीरियल और हीलिंग प्रॉपर्टीज दर्द को तुरंत सोख लेती हैं। रात को सोने से पहले छालों पर थोड़ा देसी घी लगाने से त्वचा की नमी लौट आती है। इसके साथ ही, मुलेठी के पानी से कुल्ला करना या हल्के गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करना एक आजमाया हुआ नुस्खा है, जो संक्रमण को बढ़ने से रोकता है।

कब हो जाता है डॉक्टर को दिखाना जरूरी

आमतौर पर मुंह के ये साधारण घाव 7 से 14 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसके लिए बस मुंह की साफ-सफाई, गहरी नींद और तंबाकू-धूम्रपान से दूरी बनाना जरूरी होता है। लेकिन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव सचेत करते हैं कि अगर आपके छाले दो सप्ताह से ज्यादा समय तक ठीक नहीं हो रहे हैं, या छालों का आकार लगातार बढ़ रहा है, तो लापरवाही भारी पड़ सकती है। बार-बार छालों का निकलना, असहनीय दर्द के कारण खाना पूरी तरह बंद हो जाना या छालों के साथ तेज बुखार आना किसी गंभीर अंदरूनी संक्रमण या बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

चाय शौकीन सावधान: सुबह और शाम की चाय में है बड़ा अंतर, एक गलती छीन लेगी रात की नींद

सेहत, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी और रिलेशनशिप से जुड़ी आसान और उपयोगी जानकारी आपकी बेहतर लाइफस्टाइल के लिए।

सोमवार, 1 जून 2026

तपती गर्मी में भी फूलों से भर जाएगा गुड़हल का पौधा, बस आजमाएं एक्सपर्ट्स के ये आसान टिप्स

Summer Hibiscus Care Tips : उत्तर भारत समेत हरियाणा के कई जिलों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। इस झुलसाने वाली धूप और लू के थपेड़ों के कारण घरों के बगीचों और बालकनी में लगे पौधे अक्सर सूखने या मुरझाने लगते हैं। लेकिन इस भीषण मौसम में भी लाल, पीले और गुलाबी रंग के फूलों से सजने वाला गुड़हल का पौधा आपके घर की रौनक बनाए रख सकता है। बशर्ते आपको चिलचिलाती धूप में इसकी देखभाल का सही तरीका पता हो। नर्सरी संचालकों और बागवानी एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद आसान और व्यावहारिक टिप्स साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने गुड़हल के पौधे को पूरे सीजन हरा-भरा और फूलों से भरपूर रख सकते हैं।

सुबह का पानी और धूप का सही संतुलन है सबसे जरूरी


गर्मियों के इस कड़े मौसम में गुड़हल के पौधे को पानी देने का समय सबसे ज्यादा मायने रखता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो पौधे को हमेशा सुबह सूरज उगने के तुरंत बाद या जल्दी पानी देना चाहिए। इससे मिट्टी दिनभर की तेज धूप को झेलने के लिए तैयार हो जाती है और जड़ों को लगातार नमी मिलती रहती है। हालांकि गुड़हल को फूल उगाने के लिए सीधी धूप की जरूरत होती है, लेकिन मई-जून की दोपहर वाली तीखी धूप इसकी कोमल पत्तियों को जला सकती है। इसलिए गर्मियों में गमले को ऐसे स्थान पर शिफ्ट करें जहां सुबह की 4-5 घंटे की सीधी धूप मिले और दोपहर बाद हल्की छाया रहे। Read More

सूखती हुई तुलसी में जान फूंक देगा नीम का पानी, जानें इस्तेमाल का सही तरीका और सावधानियां

Neem Water for Tulsi Plant : हिंदू धर्म में आस्था का केंद्र और औषधीय गुणों की खान माना जाने वाला तुलसी का पौधा लगभग हर भारतीय घर के आंगन की शोभा बढ़ाता है। लेकिन अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि कड़ी देखभाल के बाद भी तुलसी का पौधा सूख जाता है, पत्तियां पीली पड़ जाती हैं या उनमें काले-सफेद कीड़े लग जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बागवानी विशेषज्ञों ने एक बेहद सस्ता और पूरी तरह से प्राकृतिक उपाय सुझाया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले जहरीले केमिकल कीटनाशकों के बजाय नीम का पानी तुलसी को पुनर्जीवन देने और उसे कीड़ों से बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

तुलसी के लिए संजीवनी क्यों माना जाता है नीम का पानी?


नीम को सदियों से एक बेहतरीन प्राकृतिक एंटी-फंगल और कीटनाशक माना गया है। इसकी पत्तियों और छाल में ऐसे कड़वे तत्व पाए जाते हैं जो पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले बारीक कीड़ों, मिलीबग और एफिड्स को तुरंत दूर भगाते हैं। तुलसी पर अक्सर सफेद रंग के मिलीबग का हमला होता है, जो धीरे-धीरे पौधे का पूरा रस चूस लेते हैं। ऐसे में नीम का पानी पौधे पर एक अदृश्य सुरक्षा कवच बना देता है। चूंकि तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल चाय, काढ़े और पंचामृत में सीधे तौर पर होता है, इसलिए इस पर किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। Read More

बड़ी खबर: हरियाणा में 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ बढ़ा हुआ वेतन, सफाई कर्मियों को मिलेंगे ₹18,200

 Haryana Safai Karamchari Salary Hike : हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता व्यवस्था संभाल रहे हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। चंडीगढ़ में सरकार और आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से जारी गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। सूबे के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण पंवार के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति के बाद कर्मचारियों ने 15 मई से जारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश के गांवों में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट आई है और सभी कर्मी काम पर वापस आ गए हैं।

साढ़े 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मियों को पक्का करेगी सरकार



कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण पंवार ने कर्मचारी संगठनों को आधिकारिक तौर पर आश्वस्त किया है कि गांवों में तैनात करीब साढ़े 11 हजार सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए 31 दिसंबर 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की समीक्षा की जाएगी। सरकार इसके लिए एक विशेष नीति तैयार कर रही है ताकि इन कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो सके। इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले गरीब परिवारों को सीधे तौर पर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

वेतन बढ़कर होगा ₹26,000, हर साल मिलेगी वेतन वृद्धि

बैठक में कर्मचारियों के मानदेय को लेकर भी बेहद वित्तीय फैसले लिए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का कुल वेतन ₹26,000 करने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसमें हर साल ₹2100 की निश्चित बढ़ोतरी जोड़ी जाएगी। इसके साथ ही अंतरिम राहत देते हुए 1 जनवरी 2026 से कर्मचारियों का मासिक वेतन ₹16,100 से बढ़ाकर ₹18,200 कर दिया गया है। सरकार ने यह भी माना है कि इस वर्ग को महंगाई के दौर में आर्थिक संबल देना जरूरी है, जिसके तहत उन्हें हर साल दिवाली पर बोनस भी दिया जाएगा। Read More

हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खबर: अब मोबाइल ऐप से एडवांस बुक होगी यूरिया और डीएपी खाद

Haryana Digital Fertilizer Scheme : देश के अन्नदाताओं को अब खाद और यूरिया की किल्लत से निजात दिलाने के लिए सरकार एक बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी बदलाव करने जा रही है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' नाम से एक नई डिजिटल खाद वितरण प्रणाली तैयार की है। हरियाणा के यमुनानगर, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों को इस बेहद महत्वपूर्ण पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद किसानों को खाद की दुकानों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मोबाइल ऐप से होगी एडवांस बुकिंग, मिलेगा क्यूआर कोड



इस नई डिजिटल प्रणाली के तहत किसानों को खाद लेने से पहले अपने स्मार्टफोन पर मौजूद आधिकारिक ऐप के जरिए अग्रिम बुकिंग करनी होगी। ऐप पर किसानों को अपनी कृषि भूमि का ब्योरा और वर्तमान फसल की जानकारी दर्ज करनी होगी। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, किसान के मोबाइल पर एक क्यूआर कोड (QR Code) आधारित डिजिटल टोकन जारी हो जाएगा। यह टोकन इस बात की गारंटी होगा कि संबंधित किसान के हिस्से की खाद सुरक्षित कर ली गई है।

दुकानों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही मिलेगी खाद

जब किसान अपनी चुनी हुई दुकान या फर्टिलाइजर डीलर के पास पहुंचेगा, तो डीलर अपनी पीओएस (POS) मशीन से किसान के मोबाइल में मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। इसके तुरंत बाद आधार कार्ड आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दोहरे सत्यापन के सफल होते ही खाद का वितरण कर दिया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस पूरी पारदर्शी प्रक्रिया से यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी और अवैध स्टॉक रखने वाले बिचौलियों पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी।

तकनीकी चुनौतियां और बैकअप के विकल्प मौजूद

इस नई हाई-टेक व्यवस्था को लेकर धरातल पर कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी आ सकती हैं। रबी और खरीफ फसलों की बुवाई के पीक सीजन के दौरान जब लाखों किसान एक साथ ऐप का उपयोग करेंगे, तो सर्वर डाउन होने की आशंका बनी रहेगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्ग या कम पढ़े-लिखे किसानों को स्मार्टफोन ऐप चलाने में परेशानी आ सकती है। कड़ी मेहनत के कारण कई किसानों के उंगलियों के निशान घिस जाते हैं, जिससे बायोमेट्रिक मिसमैच की समस्या होती है। हालांकि, विभाग ने साफ किया है कि क्यूआर कोड या बायोमेट्रिक काम न करने पर किसान आईडी, आधार नंबर या एप्लिकेशन नंबर के जरिए भी मैन्युअल सत्यापन कर खाद दी जा सकेगी। Read More

Smartphone Launch June 2026: जून में मोटोरोला, वनप्लस और शाओमी समेत लॉन्च होंगे ये दमदार स्मार्टफोन

Upcoming Smartphones June 2026 : भारतीय स्मार्टफोन बाजार के लिए जून 2026 का यह महीना बेहद हलचल भरा रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर देश के तमाम बड़े शहरों के गैजेट्स शौकीनों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है क्योंकि करीब आधा दर्जन से ज्यादा मोबाइल ब्रांड्स अपने नए और अपग्रेड मॉडल्स बाजार में उतार रहे हैं। मोटोरोला, शाओमी, वनप्लस, वीवो और रेडमी जैसी कंपनियों ने भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को देखते हुए कमर कस ली है। इस बार कंपनियों का मुख्य फोकस स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ को दोगुना करने और गेमिंग परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर है, जिसका सीधा फायदा मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने वाले आम उपभोक्ताओं को मिलेगा।

4 जून को मोटोरोला और शाओमी के बीच होगी सीधी टक्कर



महीने की शुरुआत ही दो बड़े स्मार्टफोन की लॉन्चिंग के साथ होने जा रही है। मोटोरोला ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि वह 4 जून को भारत में अपना नया मोटोरोला एज 70 प्रो+ लॉन्च करेगा, जो फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इस फोन में 3.5x ऑप्टिकल जूम वाला 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। इसी दिन शाओमी भी अपनी लोकप्रिय टी-सीरीज की भारत में वापसी कराते हुए शाओमी 17टी (Xiaomi 17T) पेश कर सकता है, जिसमें लाइका (Leica) ट्यून कैमरा, 144 हर्ट्ज एमोलेड डिस्प्ले और 6500mAh की भारी-भरकम बैटरी दी जाएगी। Read More

Panchak June 2026: जून में इस दिन से शुरू हो रहा है बेहद खतरनाक 'मृत्यु पंचक', भूलकर भी न करें ये 5 काम

सनातन धर्म और ज्योतिषीय परंपराओं में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए जून महीने का पहला हफ्ता बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आगामी 6 जून 2026, शनिवार को शाम 7 बजकर 03 मिनट से पंचक काल की शुरुआत होने जा रही है। यह पंचक काल अगले पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा और 11 जून, गुरुवार को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा। शनिवार के दिन से प्रारंभ होने की वजह से इसे ज्योतिषीय भाषा में 'मृत्यु पंचक' का नाम दिया गया है, जिसे सभी पंचकों में सबसे अधिक संवेदनशील और सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है।

जानिए कैसे बनता है पंचक का यह विशेष योग



आकाशीय मंडल और ग्रहों की चाल के आधार पर जब चंद्रमा कुंभ राशि के अंतिम दो नक्षत्रों और मीन राशि के तीन नक्षत्रों में गोचर करता है, तो उस समय अवधि को पंचक कहा जाता है। इसमें धनिष्ठा का उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती समेत कुल पांच नक्षत्र शामिल होते हैं। दिनों के हिसाब से इनका नाम और प्रभाव बदल जाता है। जैसे सोमवार या बुधवार को राज पंचक, मंगलवार या गुरुवार को अग्नि पंचक, शुक्रवार को चोर पंचक, रविवार को रोग पंचक और शनिवार को सबसे घातक माना जाने वाला मृत्यु पंचक लगता है। Read More

Vehicle Purchase Muhurat: जून में नई गाड़ी खरीदने से पहले नोट कर लें ये 4 तारीखें, देखें जून महीने के सभी शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नई गाड़ी, बाइक या व्यापारिक वाहन की खरीदारी हमेशा शुभ मुहूर्त देखकर ही की जाती है ताकि सफर सुरक्षित और मंगलकारी रहे। जून 2026 की शुरुआत इस बार बड़े बदलाव के साथ हो रही है क्योंकि महीने के पहले 15 दिनों में अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास लग रहा है। इस विशेष अवधि में सनातन परंपरा के अनुसार किसी भी प्रकार के नए मांगलिक कार्यों, गृह प्रवेश या वाहन खरीदने पर रोक रहती है। यही वजह है कि जून के शुरुआती दो हफ्तों में ऑटोमोबाइल शोरूम पर सन्नाटा देखने को मिल सकता है।

इन चार तारीखों को मिलेंगे सबसे शुभ मुहूर्त



अधिकमास की समाप्ति के बाद जून महीने के उत्तरार्ध में कुल चार दिन ऐसे आ रहे हैं जब आप अपनी पसंदीदा गाड़ी घर ला सकते हैं। सबसे पहला मुहूर्त 17 जून 2026 (बुधवार) को सुबह 05:23 बजे से रात 09:38 बजे तक रहेगा, जिसमें पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इसके बाद 22 जून (सोमवार) को सुबह 10:22 बजे से दोपहर 03:39 बजे तक हस्त नक्षत्र में खरीदारी की जा सकेगी। 24 जून (बुधवार) को महीने का सबसे लंबा मुहूर्त सुबह 05:25 बजे से अगले दिन 25 जून की सुबह 05:25 बजे तक रहेगा, जिसमें चित्रा और स्वाती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आखिरी मुहूर्त 25 जून (गुरुवार) को सुबह 05:25 बजे से शाम 04:29 बजे तक स्वाती नक्षत्र के साथ उपलब्ध रहेगा। Read More

UPI New Rule: सावधान! आज 1 जून से बदल गया UPI पेमेंट का नियम, पैसे भेजने से पहले दिखेगा यह बड़ा बदलाव

 UPI New Rule June 1 : भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने देश में डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए 1 जून से एक नया नियम लागू कर दिया है। अब Google Pay, PhonePe, Paytm समेत देश के तमाम बड़े UPI प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी व्यक्ति या व्यापारी को पैसे भेजने से पहले प्राप्तकर्ता का बैंक में दर्ज असली नाम स्क्रीन पर फ्लैश होगा। उपभोक्ता जैसे ही पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू करेंगे, यूपीआई पिन (UPI PIN) दर्ज करने से ठीक पहले यह सत्यापित नाम स्क्रीन पर आ जाएगा। इस फैसले का सीधा असर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर समेत देश के करोड़ों मोबाइल वॉलेट उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो रोजाना दूध-सब्जी से लेकर बड़े व्यापारिक लेनदेन के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं।

QR कोड स्कैन करने पर दूर होगा भ्रम



अब तक बाजार में दुकानों पर लगे कई QR कोड को स्कैन करने के बाद केवल उस व्यापारिक प्रतिष्ठान का नाम या कोई कोड आईडी ही स्क्रीन पर दिखाई देती थी। कई बार इससे आम ग्राहकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती थी कि पैसा सही जगह जा रहा है या नहीं। आज से लागू हुई इस नई व्यवस्था के बाद ग्राहक जैसे ही किसी दुकान या रेहड़ी-पटरी वाले का QR कोड स्कैन करेंगे, उन्हें सीधे उस बैंक खाते का वास्तविक नाम दिखेगा जिसमें पैसा ट्रांसफर होना है। इससे उपभोक्ता भुगतान से पहले ही पूरी तरह आश्वस्त हो सकेंगे। Read More

IPL 2026 Award Winners List: आरसीबी को मिले 20 करोड़, जानिए ऑरेंज और पर्पल कैप विजेताओं की पूरी लिस्ट

 IPL 2026 Award Winners List : अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से रौंदकर इतिहास रच दिया है। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी आरसीबी के गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित किया। जोश हेजलवुड, भुवनेश्वर कुमार और रासिक सलाम की धारदार गेंदबाजी के सामने गुजरात का टॉप ऑर्डर महज 55 रन पर 3 विकेट खोकर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। स्टार बल्लेबाज जोस बटलर, निशांत सिंधु और राहुल तेवतिया फाइनल के बड़े मंच पर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। संकट की घड़ी में वॉशिंगटन सुंदर ने मोर्चा संभाला और नाबाद अर्धशतक ठोककर गुजरात टाइटंस को 8 विकेट पर 155 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।



जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी को विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने तूफानी शुरुआत दी। दोनों ने आईपीएल फाइनल के इतिहास की सबसे तेज पचास रनों की साझेदारी दर्ज की। हालांकि गुजरात के मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और राशिद खान ने बीच के ओवरों में घातक गेंदबाजी कर बेंगलुरु का स्कोर 117 रन पर 5 विकेट करके मैच में रोमांच ला दिया। इसके बावजूद किंग कोहली क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। कोहली ने 42 गेंदों पर नाबाद 75 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली और जितेश शर्मा के साथ मिलकर 12 गेंदें शेष रहते ही आरसीबी को लगातार दूसरी बार चैंपियन बना दिया। इस खिताबी जीत के साथ ही आरसीबी आईपीएल की चौथी सबसे सफल फ्रेंचाइजी बन गई है, जबकि गुजरात को चार सीजन में दूसरी बार फाइनल में हार का मुंह देखना पड़ा।

विजेताओं पर हुई पैसों की बौछार, गुजरात को मिले 12.5 करोड़ रुपये

आईपीएल 2026 के इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले के खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने पुरस्कारों और प्राइज मनी की घोषणा की। खिताबी जीत दर्ज करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया। वहीं, फाइनल में उपविजेता रही शुभमन गिल की गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपये की प्राइज मनी से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा पूरे सीजन में खेल भावना का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए पंजाब किंग्स की टीम को फेयरप्ले अवॉर्ड से नवाजा गया।

पिच को बेहतरीन बनाए रखने के लिए बंगाल क्रिकेट संघ को 'पिच एंड ग्राउंड अवॉर्ड' दिया गया, जिसके तहत उन्हें 15 लाख रुपये की इनामी राशि मिली। पूरे सीजन में बल्लेबाजों को अपनी गेंदों पर छकाने वाले आरसीबी के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को 'ग्रीन डॉट बॉल्स ऑफ द सीजन' का अवॉर्ड मिला। सिराज ने पूरे टूर्नामेंट में 172 डॉट गेंदें फेंकी, जिसके लिए उन्हें 10 लाख रुपये की प्राइज मनी मिली।

वैभव सूर्यवंशी ने अकेले जीते 5 बड़े अवॉर्ड, रबाडा को मिली पर्पल कैप

इस सीजन में बल्ले से कोहराम मचाने वाले राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अवॉर्ड सेरेमनी में पूरी महफिल लूट ली। वैभव ने सीजन में सर्वाधिक 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप पर कब्जा किया, जिसके लिए उन्हें 10 लाख रुपये मिले। शानदार प्रदर्शन के बूते उन्होंने 15 लाख रुपये की इनामी राशि वाला 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर ऑफ द सीजन' (436.5 MVP पॉइंट्स) का खिताब भी जीता। यहीं नहीं, वैभव सूर्यवंशी को 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' (10 लाख रुपये), 'सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन' (237.3 का स्ट्राइक रेट, 10 लाख रुपये) और सीजन में सर्वाधिक 72 छक्के लगाने के लिए भी 10 लाख रुपये का इनाम मिला।

गेंदबाजी की बात करें तो गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा ने पूरे सीजन में अपनी रफ्तार का कहर बरपाया। रबाडा ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 29 विकेट चटकाकर पर्पल कैप अपने नाम की, जिसके एवज में उन्हें 10 लाख रुपये की इनामी राशि मिली। सीजन में सर्वाधिक 75 चौके जड़ने का रिकॉर्ड गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन के नाम रहा, जिसके लिए उन्हें 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैदान पर अद्भुत फुर्ती दिखाने वाले मनीष पांडे को 'कैच ऑफ द सीजन' चुना गया और उन्हें भी 10 लाख रुपये की प्राइज मनी मिली।

फाइनल मैच के हीरो बने किंग कोहली, भुवनेश्वर कुमार चमके

फाइनल मुकाबले में आरसीबी को एकतरफा जीत दिलाने वाले विराट कोहली को 'प्लेयर ऑफ द फाइनल मैच' चुना गया और उन्हें 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला। कोहली ने खिताबी मैच में शानदार 9 चौके जड़े, जिसके लिए उन्हें 'सर्वाधिक चौके' का अवॉर्ड (1 लाख रुपये) मिला। साथ ही फाइनल में 3 गगनचुंबी छक्के उड़ाने के लिए उन्हें 'सर्वाधिक छक्के' का इनाम (1 लाख रुपये) भी दिया गया। आरसीबी के ही सलामी बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर को फाइनल मैच में 200 के स्ट्राइक रेट से रन कूटने के लिए 'इलेक्ट्रिक सुपर स्ट्राइकर ऑफ द फाइनल' चुना गया, जिसके लिए उन्हें 1 लाख रुपये मिले।

गेंदबाजी के मोर्चे पर अनुभवी स्विंग सुल्तान भुवनेश्वर कुमार ने फाइनल मैच में गुजरात के बल्लेबाजों को बांधकर रखा। भुवनेश्वर कुमार ने मैच में 11 डॉट गेंदें फेंकी, जिसके चलते उन्हें 'ग्रीन डॉट बॉल्स ऑफ द मैच' के अवॉर्ड के साथ 1 लाख रुपये की इनामी राशि दी गई। गेंदबाजों और बल्लेबाजों के इस धाकड़ प्रदर्शन की बदौलत ही आईपीएल 2026 का यह सीजन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। #IPL2026Winners #RCB #ViratKohli #VaibhavSuryavanshi #IPL2026

रविवार, 31 मई 2026

Guru Gochar 2026: धनु और मीन राशि वालों का चमकेगा भाग्य, गुरु बदलेंगे अपनी चाल

 Jupiter Transit 2026 : ग्रहों के गोचर की कड़ी में जून 2026 का पहला हफ्ता बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। आगामी 2 जून को देवताओं के गुरु बृहस्पति कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार कर्क राशि देवगुरु बृहस्पति की उच्च राशि मानी जाती है, जहां आकर वे सबसे अधिक बलवान और शुभ फल देने वाले बन जाते हैं। गुरु के इस महाबदलाव का सीधा असर आम आदमी के भाग्य, आर्थिक उन्नति, नौकरी, व्यापार, शिक्षा और संतान सुख पर पड़ने वाला है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर भारत के ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक यह गोचर मुख्य रूप से चार भाग्यशाली राशियों की बंद किस्मत के ताले खोलने जा रहा है।

वैदिक ज्योतिष में गुरु के उच्च गोचर का प्रभाव



वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, नैतिकता, उच्च शिक्षा, संतान सुख और आर्थिक समृद्धि का कारक माना गया है। जब भी कुंडली या गोचर में गुरु मजबूत स्थिति में आते हैं, तो इंसान को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलने लगते हैं। गुरु की शुभ दृष्टि से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं। चूंकि कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति उच्च के होते हैं, इसलिए इस राशि में उनका यह प्रवेश देश की आर्थिक स्थिति और लोगों के व्यक्तिगत जीवन में शुभ फलों की भारी वृद्धि करने वाला साबित होगा।

कर्क और कन्या राशि

इस महागोचर का सबसे पहला और बड़ा असर कर्क राशि के जातकों पर ही दिखेगा, क्योंकि देवगुरु आपकी ही राशि के प्रथम भाव में आ रहे हैं। इस प्रभाव से आपका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौटेगा और कार्यक्षेत्र में चल रही रुकावटें पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। जो लोग नया व्यापार शुरू करने का मन बना रहे हैं, उनके लिए यह समय बेहद उत्तम रहेगा।

दूसरी ओर, कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर सीधे तौर पर उनके बैंक बैलेंस को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। आपको धन लाभ के कई नए और बेहतरीन अवसर मिलेंगे, जिससे पुरानी आर्थिक तंगी दूर होगी। इस दौरान किया गया कोई भी बड़ा निवेश भविष्य में तगड़ा मुनाफा दे सकता है। साथ ही प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ने से करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।

धनु और मीन राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि के स्वामी हैं। आर्थिक मोर्चे पर आपको बड़ी राहत मिलेगी और बरसों से अटका हुआ पैसा अचानक वापस मिल सकता है। कोर्ट-कचहरी या परिवार के पुराने विवाद इस अवधि में सुलझ जाएंगे। वैवाहिक जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप में चल रहे तनाव खत्म होंगे और आपसी रिश्ते मजबूत होंगे।

मीन राशि के स्वामी भी खुद देवगुरु बृहस्पति ही हैं, इसलिए आपके लिए भी भाग्य का दरवाजा खुलने वाला है। जो छात्र सरकारी नौकरी या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, उन्हें इस समय बड़ी सफलता मिल सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और संतान पक्ष से कोई बहुत बड़ी खुशखबरी घर के माहौल को खुशनुमा बना देगी। हालांकि गुरु का यह उच्च गोचर अन्य सभी राशियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा, जिससे लोगों को करियर और आर्थिक मोर्चे पर राहत का अनुभव होगा। #JupiterTransit2026 #GuruGochar #AstrologyUpdate #Rashifal2026

Rohtak ITI News: 8वीं, 10वीं और 12वीं पास युवाओं के लिए मौका, 15 जून तक ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

 Rohtak ITI Admission : हरियाणा के रोहतक जिले में तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की दिशा में कदम बढ़ाने वाले युवाओं के लिए बड़ा मौका आ गया है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में दाखिले का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। रोहतक जिले की 10 अलग-अलग आईटीआई में मौजूद कुल 4876 सीटों को भरने के लिए आगामी 2 जून से लेकर 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खुला रहेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार और हुनर को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने इस बार जमीनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

8वीं से 12वीं पास युवाओं को मिलेगा हुनरमंद बनने का मौका



दाखिले के लिए विभाग ने अलग-अलग तकनीकी और गैर-तकनीकी ट्रेड के अनुसार शैक्षणिक योग्यता तय की है। इसमें 8वीं, 10वीं और 12वीं पास छात्र अपनी रुचि के मुताबिक कंप्यूटर, इलेक्ट्रिशियन, फिटर या वेल्डर जैसी ट्रेड का चयन कर ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। रोहतक आईटीआई के प्रिंसिपल राजपाल सिंधु ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के आवेदकों को फॉर्म भरने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए संस्थानों के भीतर ही फ्री परामर्श व रजिस्ट्रेशन डेस्क की शुरुआत की गई है। इन काउंटर्स पर तैनात एक्सपर्ट्स युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर सही ट्रेड चुनने की सलाह दे रहे हैं।

महिला प्रशिक्षुओं को मिलेगी फ्री टूल किट और वजीफा

सरकार ने इस बार तकनीकी कोर्सेज में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई बड़ी रियायतों और वित्तीय योजनाओं का ऐलान किया है। आईटीआई में दाखिला लेने वाली सभी महिला प्रशिक्षुओं की ट्यूशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी। इसके साथ ही प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को आसान बनाने के लिए छात्राओं को 1000 रुपये की टूल किट मुफ्त दी जाएगी। प्रिंसिपल राजपाल सिंधु के मुताबिक, विशिष्ट इंजीनियरिंग ट्रेड का विकल्प चुनने वाली छात्राओं को 500 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके अतिरिक्त बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत ₹2500 की सालाना किस्त सीधे छात्राओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। #RohtakITI #ITIAdmission #HaryanaEducation #SkillIndia

Tata Tiago EV 2026: क्या पेट्रोल कार बेचने का आ गया समय? टाटा की इस सस्ती ईवी ने बढ़ाई सबकी टेंशन

 2026 Tata Tiago EV : भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने बड़ा दांव खेल दिया है। कंपनी ने अपनी बेहद लोकप्रिय हैचबैक का नया इलेक्ट्रिक अवतार 2026 Tata Tiago EV बाजार में पेश कर दिया है। टाटा नैनो को छोड़ दें, तो यह कंपनी के इतिहास की अब तक की सबसे सस्ती कार बन गई है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत मात्र 4.69 लाख रुपये तय की है। इतनी कम कीमत में ईवी आने के बाद दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के कार खरीदारों के बीच चर्चा छिड़ गई है कि क्या अब पेट्रोल कार को अलविदा कहकर इलेक्ट्रिक गाड़ी पर शिफ्ट होने का सही समय आ गया है।

ईंधन के महंगे खर्च से मिलेगी परमानेंट मुक्ति



मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें बजट बिगाड़ रही हैं। ऐसे माहौल में नई Tiago EV एक बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाली है। पेट्रोल कारों को चलाने का प्रति किलोमीटर खर्च जहां बहुत ज्यादा बैठता है, वहीं इस इलेक्ट्रिक कार को घर पर चार्ज करके चलाने की रनिंग कॉस्ट बेहद कम आती है। जो नौकरीपेशा लोग रोजाना अंबाला से चंडीगढ़ या गुरुग्राम से दिल्ली जैसे लंबे रूट पर अप-डाउन करते हैं, उनके लिए यह कार हर महीने हजारों रुपये की सीधी बचत कराएगी।

मेंटेनेंस का खर्च हुआ आधा

इस इलेक्ट्रिक कार का एक और सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा इसका बेहद कम मेंटेनेंस कॉस्ट है। पारंपरिक पेट्रोल इंजन कारों की तरह इसमें क्लच, गियरबॉक्स या भारी-भरकम इंजन नहीं होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि ग्राहकों को हर कुछ महीनों में इंजन ऑयल बदलवाने, क्लच प्लेट रिपेयर कराने या महंगे फिल्टर बदलवाने के लिए सर्विस सेंटर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मूविंग पार्ट्स कम होने से गाड़ी में खराबी आने के चांस भी बहुत कम हो जाते हैं, जिससे लंबे समय में गाड़ी रखने का खर्च काफी घट जाता है।

लंबी दूरी के सफर में अब भी चुनौती

टाटा की यह कार भले ही बजट में फिट बैठती है, लेकिन यह हर किसी की जरूरत के लिए मुफीद नहीं हो सकती। जिन लोगों का रोजाना का सफर राज्यों के हाईवे पर होता है या जो अक्सर ग्रामीण इलाकों में लंबी दूरी तय करते हैं, उन्हें चार्जिंग स्टेशनों की सीमित संख्या के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पेट्रोल पंप पर दो मिनट में फ्यूल भरवाने की तुलना में ईवी को चार्ज करने में काफी ज्यादा समय लगता है। इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अगर आपकी ड्राइविंग मुख्य रूप से शहर के भीतर है और आपके घर या दफ्तर में चार्जिंग पॉइंट लगाने की जगह है, तभी इस बजट इलेक्ट्रिक कार को खरीदना आपके लिए घाटे का सौदा नहीं होगा।

5G Battery Drain: 5G चलाते ही तुरंत खत्म हो जाती है फोन की बैटरी? इन सेटिंग्स को अभी बदलें

 5G Battery Drain : भारत के कोने-कोने में 5G नेटवर्क पहुंच चुका है और लोग सुपरफास्ट डाउनलोडिंग से लेकर बिना बफरिंग के वीडियो स्ट्रीमिंग का मजा ले रहे हैं। लेकिन इस तेज रफ्तार इंटरनेट के साथ ही मोबाइल यूजर्स के सामने एक नई आफत आ गई है। देश के करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स इस बात से परेशान हैं कि 5G ऑन करते ही उनके फोन की बैटरी पहले के मुकाबले बहुत जल्दी दम तोड़ देती है। इस समस्या के पीछे कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि 5G नेटवर्क का काम करने का खास तरीका है जो सीधे आपके फोन के हार्डवेयर को प्रभावित करता है।

आखिर 5G नेटवर्क चालू करने पर ज्यादा बैटरी क्यों खर्च होती है?



तकनीकी रूप से समझें तो 5G नेटवर्क 4G के मुकाबले कई गुना ज्यादा स्पीड से डेटा ट्रांसफर करता है। इस सुपरफास्ट स्पीड को मेंटेन करने के लिए आपके स्मार्टफोन के प्रोसेसर और इंटरनल कंपोनेंट्स को लगातार हाई-परफॉर्मेंस मोड में काम करना पड़ता है। जब प्रोसेसर पर दबाव बढ़ता है, तो वह सीधे तौर पर बैटरी से ज्यादा पावर खींचता है। इसके साथ ही 5G नेटवर्क पर बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं और लगातार हैवी डेटा सिंक करते हैं, जिसके चलते स्क्रीन बंद होने पर भी बैटरी बैकअप तेजी से गिरता रहता है।

सफर के दौरान और इनडोर इलाकों में क्यों अचानक डाउन हो जाता है बैकअप?

अगर आप दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा या पंजाब के रूट पर सफर कर रहे हैं, तो आपने गौर किया होगा कि हाईवे पर बैटरी सबसे तेजी से खत्म होती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कई जगहों पर अभी भी 5G के टावर दूर-दूर हैं। ऐसे में आपका फोन मजबूत सिग्नल पकड़ने के लिए लगातार बैकग्राउंड में सर्चिंग करता है। जब फोन को स्टेबल 5G नेटवर्क नहीं मिलता, तो वह बार-बार 4G से 5G और 5G से 4G पर स्विच होता रहता है। कमजोर नेटवर्क कवरेज वाले इलाकों, बंद कमरों और इनडोर लोकेशंस पर यह नेटवर्क स्विचिंग फोन को बहुत ज्यादा गर्म कर देती है और बैटरी को पूरी तरह सुखा देती है।

मोबाइल का बैटरी बैकअप बढ़ाने के लिए तुरंत बदलें ये सेटिंग्स

इस समस्या से निपटने के लिए आपको अपने फोन के इस्तेमाल के तरीके और सेटिंग्स में थोड़े बदलाव करने होंगे। सबसे पहले अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर 'Adaptive Battery' फीचर को तुरंत एक्टिवेट कर दें। यह फीचर आपके फोन इस्तेमाल करने के पैटर्न को समझकर बैकग्राउंड ऐप्स की गैर-जरूरी एक्टिविटी को ब्लॉक कर देता है। इसके अलावा जब भी आप किसी ऐसे इलाके में हों जहां 5G के सिग्नल आ-जा रहे हों, तो समझदारी इसी में है कि आप सेटिंग्स में जाकर नेटवर्क मोड को मैन्युअली '4G Only' पर सेट कर दें। इससे फोन बार-बार सिग्नल नहीं खोजेगा और आपकी बैटरी लंबे समय तक चलेगी। सफर के दौरान मोबाइल डेटा का इस्तेमाल न होने पर उसे बंद रखना भी एक कारगर उपाय है।

New CDS of India: जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाला नए सीडीएस का कार्यभार, जानिए क्या है इनका प्लान

GK : सामान्य ज्ञान का सबसे कठिन सवाल, जानिए उस जीव का नाम जिसके शरीर में नहीं होता खून का एक भी कतरा

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New CDS of India: जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाला नए सीडीएस का कार्यभार, जानिए क्या है इनका प्लान

 New CDS General Subramani : चीन और पाकिस्तान के सैन्य मामलों के विशेषज्ञ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रविवार को भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जिन्होंने शनिवार को देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ दिया था। जनरल सुब्रमणि को भारतीय सेनाओं के महत्वाकांक्षी थिएटराइजेशन प्लान को लागू करने और जल, थल एवं नभ सेना के बीच तालमेल को मजबूत करने का सबसे बड़ा दायित्व सौंपा गया है।

थिएटराइजेशन और स्वदेशी हथियार प्रणालियों का एकीकरण शीर्ष प्राथमिकता



पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद जनरल सुब्रमणि ने देश की सुरक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों का रूपांतरण और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और एकीकरण को बढ़ाने के लिए संगठनात्मक सुधार उनका मुख्य फोकस रहेगा। उन्होंने देश के नागरिकों को आश्वस्त करते हुए साफ कहा कि सशस्त्र बल समर्पण, साहस, सम्मान और व्यावसायिकता के साथ राष्ट्र की सेवा जारी रखेंगे। उन्होंने सेना में स्वदेशी हथियारों के विकास और उनके एकीकरण की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया।

गढ़वाल राइफल्स से शुरू हुआ सफर

जनरल सुब्रमणि का सैन्य करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के स्नातक हैं, जिन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की आठवीं बटालियन में कमीशन मिला था। वह 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख रहे और इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में देश को अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से एमए और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एमफिल किया है।

आतंकवाद विरोधी अभियानों और स्ट्राइक कोर की कमान का लंबा अनुभव

अपने 40 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में जनरल सुब्रमणि ने देश के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों का नेतृत्व किया है। उन्होंने असम में आतंकवाद विरोधी 'ऑपरेशन राइनो' के तहत 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली, जबकि जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की एक प्रमुख स्ट्राइक कोर सहित दो सैन्य कोरों की कमान संभालकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में विशिष्ट योगदान दिया।

परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित हैं नए सीडीएस जनरल सुब्रमणि

सैन्य अभियानों के साथ-साथ जनरल सुब्रमणि ने कजाकिस्तान में रक्षा अटैची और उत्तरी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ जैसे कई महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया है। उनकी इन बेदाग और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा जा चुका है। अब सीडीएस के रूप में उनके सामने भारतीय सेना को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करने और एकीकृत सैन्य कमान संरचना को धरातल पर उतारने की बड़ी चुनौती है। #NewCDS #GeneralNSRajaSubramani #IndianArmedForces #ChiefOfDefenceStaff

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Google Fine News: गूगल पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन, 30 लाख का जुर्माना, बदलेगा विज्ञापन का तरीका

 Google Trademark Case Delhi High Court : गूगल के एकाधिकार और विज्ञापन बाजार में मनमानी पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मशहूर सैनिटरीवेयर ब्रांड हिंडवेयर के ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल होने के मामले में गूगल पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कानूनी लड़ाई साल 2013 से चल रही थी, जब हिंडवेयर ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों और गूगल के खिलाफ मोर्चा खोला था। अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला भारत के पूरे डिजिटल विज्ञापन उद्योग की दिशा और दशा को बदलने जा रहा है।

क्या है कीवर्ड विज्ञापन का पूरा विवाद और कैसे आम यूजर को गुमराह करता था गूगल



यह पूरा मामला कीवर्ड एडवरटाइजिंग की आड़ में चल रहे ब्रांड वैल्यू के अवैध इस्तेमाल से जुड़ा हुआ है। साल 2013 में हिंडवेयर ने पाया कि उसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां 'सेरा' और 'ग्रोहे इंडिया' ने गूगल एड्स के माध्यम से "Hindware" शब्द को कीवर्ड के रूप में खरीद लिया था। इसके कारण जब भी कोई आम उपभोक्ता गूगल सर्च इंजन पर जाकर हिंडवेयर ब्रांड के प्रोडक्ट ढूंढता था, तो उसे स्क्रीन पर सबसे ऊपर इन दूसरी कंपनियों के विज्ञापन दिखाई देते थे। हिंडवेयर का सीधा आरोप था कि उनकी अनुमति के बिना उनके पंजीकृत और स्थापित ट्रेडमार्क का व्यावसायिक इस्तेमाल करके ग्राहकों को भटकाया जा रहा है।

बाद में हिंडवेयर का अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों के साथ तो समझौता हो गया, लेकिन गूगल इंडिया और गूगल एलएलसी के खिलाफ यह अदालती जंग जारी रही। गूगल ने कोर्ट में दलील दी थी कि कीवर्ड सिर्फ बैकएंड सिस्टम का हिस्सा होते हैं, जिन्हें यूजर सीधे नहीं देख पाते। गूगल का कहना था कि वह सिर्फ कीवर्ड बिडिंग की सुविधा देता है, जो पूरी तरह वैध है। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने टेक दिग्गज की इन सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया।

कोर्ट ने गूगल के विज्ञापन मॉडल को बताया 'फ्री-राइडिंग', लगाया प्रतिबंध

दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंडवेयर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए गूगल को "Hindware" और उससे जुड़े अन्य सभी शब्दों को विज्ञापन कीवर्ड के रूप में नीलाम करने से तुरंत रोक दिया है। अदालत ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि गूगल दूसरों की बरसों की मेहनत से बनी ब्रांड छवि और प्रतिष्ठा का गलत तरीके से व्यावसायिक लाभ उठा रहा था। कोर्ट ने इसे 'फ्री-राइडिंग' का नाम दिया, जहां गूगल किसी दूसरे के ट्रेडमार्क को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को बेचकर खुद मोटी कमाई कर रहा था, जबकि उस ब्रांड पर गूगल का कोई मालिकाना हक नहीं है।

भारतीय टेक दिग्गजों ने किया फैसले का स्वागत

दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद भारतीय कॉरपोरेट जगत और टेक इंडस्ट्री के बड़े दिग्गजों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने जेरोधा के सीईओ नितिन कामथ के एक सोशल मीडिया पोस्ट का खुलकर समर्थन किया है।

श्रीधर वेम्बू ने एक्स पर लिखा कि गूगल जो कर रहा था, वह पूरी तरह से अनैतिक था और भारत में इसे अवैध ठहराया जाना एक बेहतरीन कदम है। उन्होंने साफ कहा कि इन संदिग्ध कारोबारी तौर-तरीकों के लिए गूगल को जवाबदेह बनाना ही होगा।

जेरोधा के सीईओ नितिन कामथ ने भी इस फैसले की सराहना करते हुए अपना दर्द साझा किया। नितिन कामथ ने बताया कि एक दशक से भी ज्यादा समय से उनकी कंपनी इस समस्या से जूझ रही है। अगर आज भी कोई इंटरनेट पर 'Zerodha' सर्च करता है, तो शुरुआती सर्च रिजल्ट में प्रतिस्पर्धी कंपनियों के विज्ञापन दिखाई देते हैं। कामथ के मुताबिक इस खेल की वजह से जेरोधा को भारी बिजनेस का नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि असली ग्राहक भटककर दूसरी वेबसाइटों पर चले जाते हैं। शार्क टैंक इंडिया के जज और शादी डॉट कॉम (Shaadi.com) के संस्थापक अनुपम मित्तल ने भी इसे भारतीय कॉरपोरेट जगत की इस हफ्ते की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी खबर बताया है। मित्तल का मानना है कि इस फैसले से भारत में डिजिटल विज्ञापन के पूरे अर्थशास्त्र में बहुत बड़ा बदलाव आएगा।

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June Horoscope 2026: वृषभ और कन्या राशि वालों को छप्परफाड़ धन लाभ, मकर-धनु राशि वाले रहें सावधान

 Monthly Horoscope June 2026 : जून 2026 का महीना अंतरिक्ष में होने वाली बड़ी हलचलों के कारण बेहद खास होने वाला है। महीने की शुरुआत में चंद्रमा वृश्चिक में, केतु सिंह में, राहु कुंभ में, शनि मीन में, मंगल मेष में तथा बुध-शुक्र मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। इस खगोलीय स्थिति के बीच महीने भर ग्रहों का राशि परिवर्तन चलता रहेगा। इस महाबदलाव का सीधा असर आम आदमी की जेब, रोजगार, पारिवारिक जीवन और सेहत पर पड़ने जा रहा है।



ग्रहों के राजा सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 2 जून को देवगुरु बृहस्पति और 22 जून को बुध देव कर्क राशि में कदम रखेंगे। इसके अलावा 8 जून को शुक्र का कर्क में और 21 जून को मंगल का वृषभ राशि में गोचर होगा। ग्रहों के इस खेल से कुछ राशियों के बंद किस्मत के ताले खुलेंगे, तो कुछ राशियों को संभलकर कदम आगे बढ़ाने होंगे।

मेष से कर्क राशि

मेष राशि वालों के लिए जून का महीना कड़ी मेहनत और बड़ी उपलब्धियों वाला रहेगा। 2 जून को गुरु के चतुर्थ भाव में आने से पारिवारिक सुख बढ़ेगा और 15 जून के बाद सूर्य आपके साहस में वृद्धि करेंगे। 21 जून के बाद किसी नए बिजनेस की डील फाइनल हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर में नया पद मिल सकता है। उपाय के तौर पर भगवान शिव की पूजा करें और पिता का आशीर्वाद लें। शुभ रंग लाल-पीला है और भाग्य 55% साथ देगा।

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह महीना आर्थिक रूप से छप्परफाड़ सफलता लेकर आ रहा है। 15 जून के बाद धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे और आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होगी। मीडिया, आईटी और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को इस अवधि में बंपर लाभ मिलेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के योग बनेंगे। उपाय के लिए श्री सूक्त का पाठ करें। शुभ रंग हरा और सफेद है, जबकि भाग्य प्रतिशत 80% रहेगा।

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय आत्मविश्वास और बैंक बैलेंस बढ़ाने वाला साबित होगा। 2 जून को गुरु का दूसरे भाव में जाना धन की आवक बढ़ाएगा और 15 जून को सूर्य आपकी ही राशि में आकर मान-सम्मान दिलाएंगे। लव लाइफ बढ़िया रहेगी और संतान पक्ष से खुशखबरी मिलेगी। हालांकि 21 जून के बाद खान-पान पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। हनुमान चालीसा का पाठ करें। शुभ रंग सफेद-नीला और भाग्य 65% रहेगा।

कर्क राशि के जातकों के लिए यह महीना ऐतिहासिक रहेगा क्योंकि 2 जून से गुरु आपकी ही राशि में आ रहे हैं। इससे आपके व्यक्तित्व और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त सुधार होगा। 21 जून के बाद नौकरी को लेकर कोई बड़ा और शुभ समाचार मिल सकता है। बीपी और शुगर के मरीजों को इस महीने अपनी सेहत के प्रति लापरवाही से बचना होगा। बुधवार को बहते जल में नारियल प्रवाहित करें। शुभ रंग पीला-सफेद है और भाग्य 70% रहेगा।

सिंह से वृश्चिक राशि

सिंह राशि वालों के लिए जून का महीना मिले-जुले परिणाम देने वाला है। 15 जून के बाद सूर्य के एकादश भाव में आने से आय के नए स्रोत बनेंगे, लेकिन गुरु के बारहवें भाव में रहने से खर्चों में भी भारी बढ़ोतरी होगी। बिजनेस में नई योजनाएं सफल रहेंगी। 21 जून के बाद प्रेम संबंधों में कुछ तनाव आ सकता है, इसलिए वाणी पर संयम रखें। प्रतिदिन आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें। शुभ रंग लाल-सफेद और भाग्य 65% रहेगा।

कन्या राशि के लोगों के लिए जून का महीना लाभ और बड़ी सफलताएं लेकर आ रहा है। गुरु का एकादश भाव में गोचर आपकी हर मनोकामना पूरी करेगा और अटके हुए काम पूरे होंगे। 15 जून के बाद सूर्य देव आपके करियर और नौकरी में बड़ी पदोन्नति का योग बनाएंगे। छात्रों को परीक्षाओं में बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। उपाय के तौर पर हनुमान जी की पूजा करें। शुभ रंग हरा-नीला है, जबकि भाग्य 70% साथ देगा।

तुला राशि के जातकों को व्यापार और आर्थिक मामलों में इस महीने भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। 15 जून के बाद सूर्य का नवम भाव में जाना आपके रुके हुए कामों को गति देगा। फिल्म, मीडिया और लेखन से जुड़े लोगों को कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलेगी। सांस के मरीजों को बदलते मौसम में अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा। श्री सूक्त का पाठ करना लाभकारी रहेगा। शुभ रंग हरा और भाग्य 55% है।

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए जून का महीना भाग्योदय करने वाला साबित होगा। गुरु का नवम भाव में जाना आपके करियर और व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। राजनीति और प्रशासन से जुड़े लोगों को समाज में बड़ा पद और प्रतिष्ठा मिल सकती है। बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर के लोगों को टारगेट पूरा करने में सफलता मिलेगी। आय के नए स्रोत सामने आएंगे। बजरंग बाण का पाठ करें। शुभ रंग पीला-नारंगी और भाग्य 70% रहेगा।

धनु से मीन राशि

धनु राशि के जातकों को जून के महीने में बहुत धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा क्योंकि गुरु अष्टम भाव में गोचर करेंगे। प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। महीने के पहले हफ्ते में छात्र अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। 15 जून के बाद सूर्य के सप्तम भाव में आने से जीवनसाथी की सेहत बिगड़ सकती है। भगवान विष्णु की उपासना करें और बहते जल में दूध प्रवाहित करें। शुभ रंग आसमानी और भाग्य 65% रहेगा।

मकर राशि के लोगों को इस महीने योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। शनि देव आपके तीसरे भाव में रहकर आपसे कड़ी मेहनत करवाएंगे। 2 जून के बाद गुरु का सप्तम भाव में आना पार्टनरशिप के बिजनेस में बड़ा मुनाफा देगा। एक समय में एक ही काम पर फोकस करें। 22 जून के बाद प्रेम जीवन में खुशियां दस्तक देंगी। नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। शुभ रंग नीला-हरा और भाग्य 60% रहेगा।

कुंभ राशि के जातकों के लिए जून का महीना करियर और राजनीति में बड़ी छलांग लगाने का है। गुरु का चतुर्थ भाव में होना पारिवारिक सुख और मानसिक शांति प्रदान करेगा। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता मिलने के आसार हैं। 25 जून के बाद अचानक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलें। शनिवार को गरीबों को अन्न का दान करें। शुभ रंग हरा है और भाग्य 65% साथ देगा।

मीन राशि के लोगों के लिए यह महीना पढ़ाई, करियर और धन के मामले में सर्वोत्तम रहने वाला है। गुरु का पंचम भाव में जाना छात्रों के लिए वरदान साबित होगा और परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। 15 जून के बाद सूर्य के प्रभाव से पैतृक संपत्ति या जमीन-जायदाद से बड़ा लाभ मिल सकता है। नौकरी में आपकी कार्यशैली की तारीफ होगी और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। सुंदरकांड का पाठ करें। शुभ रंग पीला-सफेद है और भाग्य 70% रहेगा।

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यह सामग्री ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सामान्य सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। Haryana News Post इस जानकारी की पूर्णता, सटीकता या विश्वसनीयता के संबंध में कोई दावा नहीं करता है और न ही किसी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार करता है। इस आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए पाठक स्वयं उत्तरदायी होंगे।

शनिवार, 30 मई 2026

Haryana Mausam: गर्मी गायब, अंबाला से फरीदाबाद तक 32 डिग्री पहुंचा तापमान, जानें कब तक रहेगी राहत

 Haryana Weather Update : हरियाणा में पिछले दो-तीन दिनों से मौसम लगातार करवट ले रहा है। चमचमाती और तीखी धूप के बाद अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज धूलभरी हवाएं चल रही हैं। जींद, अंबाला, कुरुक्षेत्र और पंचकूला समेत कई जिलों में हुई हल्की से मध्यम बूंदाबांदी ने लोगों को झुलसाने वाली जेठ की गर्मी से बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में आंधी, तूफान और आसमानी बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है।

सामान्य से 8.6 डिग्री नीचे गिरा पारा, अंबाला-रोहतक में बढ़ी ठंडक

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा बारिश और आंधी के बाद हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीधी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव के कारण दिन का तापमान सामान्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। अंबाला, रोहतक, हिसार और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में दिन का पारा 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट गया है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म लू अब ठंडी हवाओं में बदल चुकी है, जिससे आम जनता ने चैन की सांस ली है।

तेज आंधी से कई जिलों में बत्ती गुल, बुनियादी ढांचे को नुकसान

मौसम का यह बदला रूप अपने साथ परेशानी भी लेकर आया है। कल पंचकूला, फतेहाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, हांसी, जींद, सोनीपत, सिरसा और फरीदाबाद में आई तेज धूलभरी आंधी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गए और घरों के टिन शेड हवा में उड़ गए। खंभे गिरने और तार टूटने से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जिसे ठीक करने में बिजली निगम की टीमें जुटी हुई हैं।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: जून के पहले सप्ताह तक ऐसा ही रहेगा मिजाज

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से राज्य में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां अगले दो दिनों तक जारी रहेंगी। डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, लगातार एक के बाद एक आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण जून के पहले सप्ताह तक मौसम का मिजाज ऐसा ही परिवर्तनशील बना रहेगा। हालांकि, राज्य में मानसून के आधिकारिक प्रवेश के लिए अभी लोगों को करीब एक महीने का इंतजार करना होगा। #HaryanaWeather #HaryanaNews #MausamUpdate

Haryana Weather Update: हरियाणा के इन 5 जिलों में तूफान का रेड अलर्ट, 80 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Haryana Weather Update Today: नौतपा के बीच छूटे पसीने, मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, इस तारीख से मिलेगी राहत

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GK : सामान्य ज्ञान का सबसे कठिन सवाल, जानिए उस जीव का नाम जिसके शरीर में नहीं होता खून का एक भी कतरा

प्रकृति ने पृथ्वी पर जीवन का ऐसा ताना-बाना बुना है जिसमें कई रहस्य छिपे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया में लगभग 87 लाख यानी 8.7 मिलियन जीवों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इन सभी जीव-जंतुओं की शारीरिक संरचना और जीवन-प्रणाली एक-दूसरे से पूरी तरह जुदा है। आमतौर पर माना जाता है कि हर जीवित प्राणी को जिंदा रहने के लिए खून और दिल की जरूरत होती है। मगर महासागरों की गहराइयों में एक ऐसा भी जीव तैर रहा है जिसके पूरे शरीर में खून का एक कतरा तक नहीं बहता है।



अक्सर एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के सामान्य ज्ञान (GK) सेक्शन में ऐसे पेचीदा सवाल पूछ लिए जाते हैं। अपनी तैयारी को पुख्ता रखने वाले छात्र भी कई बार इसका सटीक जवाब नहीं दे पाते हैं। हम यहां जिस बिना खून वाले जीव की बात कर रहे हैं, उसका नाम जेलीफिश है। जेलीफिश को पृथ्वी के सबसे प्राचीन जीवों की श्रेणी में गिना जाता है। जब धरती पर डायनासोर का वजूद भी नहीं था, उससे करोड़ों साल पहले से यह जीव महासागरों के इकोसिस्टम का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। Read More

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

Ajab Gajab: सूअर को ड्रोन से उड़ाना किसान को पड़ा भारी, 10 घंटे गुल रही गांव की बिजली

 Ajab Gajab: चीन के सिचुआन प्रांत से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने आधुनिक तकनीक और इंसानी जुगाड़ के बीच की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। टोंगजियांग काउंटी के एक पहाड़ी गांव में एक किसान ने अपने सूअर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए ड्रोन (Drone) का सहारा लिया। लेकिन यह प्रयोग उस समय एक बड़ी मुसीबत बन गया जब हवा में उड़ता हुआ सूअर बिजली की हाई वोल्टेज लाइनों में फंस गया।

इस अजीबोगरीब हादसे की वजह से न केवल वह बेजुान जानवर घंटों तक हवा में लटका रहा बल्कि पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई। स्थानीय प्रशासन को स्थिति सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मुश्किल रास्तों का निकाला ‘खतरनाक’ तोड़

सिचुआन प्रांत का यह इलाका अपनी दुर्गम पहाड़ियों और उबड़-खाबड़ रास्तों के लिए जाना जाता है। यहाँ वाहनों के जरिए पशुओं को ले जाना बेहद खर्चीला और थका देने वाला काम है। इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए एक किसान ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने की सोची।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार किसान ने भारी वजन उठाने वाले एक शक्तिशाली ड्रोन में मजबूत रस्सी बांधी और उसके दूसरे सिरे पर सूअर को लटका दिया। उसका इरादा सूअर को पहाड़ के ऊपर से सीधे नीचे स्थित बूचड़खाने तक पहुँचाने का था। शुरुआत में उड़ान सफल रही लेकिन बीच रास्ते में तेज हवा या तकनीकी संतुलन बिगड़ने की वजह से रस्सी सीधे बिजली के खंभों के तारों में जा उलझी।

गुरुवार, 15 जनवरी 2026

पीएम किसान सम्मान निधि: नवंबर के बाद अब कब आएगी अगली किस्त, जानिए तारीख और समय का पूरा गणित

 केंद्र सरकार ने अब तक इस योजना के तहत 21 किस्तों का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया है। आपको याद होगा कि 21वीं किस्त का पैसा नवंबर 2025 में जारी किया गया था। सरकार के नियमों के मुताबिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि हर चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती है। इस हिसाब से देखें तो नवंबर के बाद चार महीने का समय फरवरी या मार्च में पूरा हो रहा है।

बजट और किस्त का क्या है कनेक्शन



फरवरी 2026 में केंद्र सरकार अपना बजट पेश करने वाली है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि सरकार बजट सत्र के दौरान या उसके तुरंत बाद किसानों को खुश करने के लिए 22वीं किस्त जारी कर सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है लेकिन पुराने पैटर्न को देखें तो फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। यानी बजट घोषणाओं के बाद ही राशि आने की उम्मीद ज्यादा है।

मिलेंगे पूरे 2000 रुपये

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है। 22वीं किस्त में भी किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये सीधे डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजे जाएंगे। इससे किसानों को खाद और बीज खरीदने में बड़ी मदद मिलेगी। Read More

चंडीगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक खेल, 38 लाख की ठगी का ऐसे हुआ पर्दाफाश, चीन से जुड़े तार

 

चंडीगढ़ में साइबर अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक दंपती को घर बैठे-बैठे 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया गया और डर दिखाकर उनसे 38 लाख रुपये ठग लिए गए। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस ठगी के तार चीन से जुड़े हुए थे और पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था।

क्या होता है डिजिटल अरेस्ट



इस मामले को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि डिजिटल अरेस्ट आखिर है क्या। दरअसल यह एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का तरीका है। इसमें ठग खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ित को डराते हैं कि उनका नाम किसी बड़े अपराध में आया है और उन्हें कैमरे के सामने ही रहना होगा। पीड़ित डर के मारे न फोन काट पाता है और न ही किसी से मदद मांग पाता है। चंडीगढ़ वाले मामले में भी यही हुआ। Read More

शिमला मनाली से भी ठंडे हुए हरियाणा पंजाब के शहर, बठिंडा और नारनौल में कंपकंपी छूटी

 उत्तर भारत में सर्दी का सितम अपने चरम पर है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार का दिन हरियाणा और पंजाब के लोगों के लिए इस सीजन का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। हालात यह हैं कि हरियाणा के हिसार में तापमान जमाव बिंदु के बिल्कुल करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार हिसार में न्यूनतम तापमान गिरकर 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 6 डिग्री कम है। इस कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

हिसार में जमने वाले हैं हालात



हिसार में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को यहां न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस था जो गुरुवार को और गिरकर 0.2 डिग्री पर आ गया। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में पारा और नीचे जा सकता है। इतिहास पर नजर डालें तो हिसार में पहले भी तापमान शून्य से नीचे जा चुका है। 17 जनवरी 2023 को यहां का तापमान माइनस 1.3 डिग्री और 1 जनवरी 2021 को माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बार भी हालात वैसे ही बनते नजर आ रहे हैं। Read More

हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, सरकार ने विभागों से मांगा खाली सीटों का ब्योरा

 हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी के कर्मचारियों की नियुक्ति और समायोजन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने सभी विभागों के अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां खाली पड़े ग्रुप डी के पदों का पूरा ब्योरा तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन अपलोड करें। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी इस आदेश के बाद उन कर्मचारियों में उम्मीद की किरण जगी है जो अपनी पोस्टिंग या एडजस्टमेंट का इंतजार कर रहे थे। सरकार का मकसद पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाना है।

एक सप्ताह के भीतर देना होगा जवाब



मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी किए गए पत्र में सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस समय सीमा के भीतर उन्हें हरियाणा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एचकेसीएल के रिक्विजिशन पोर्टल पर खाली पदों की जानकारी अपलोड करनी होगी। सरकार ने साफ किया है कि इस काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर युवाओं के रोजगार और प्रशासन के सुचारू कामकाज से जुड़ा है। Read More

बुधवार, 14 जनवरी 2026

अगेती खेती का यही है सही समय, भिंडी और टमाटर की नर्सरी से होगी बंपर कमाई

 कड़ाके की ठंड का यह मौसम किसानों के लिए केवल रजाई में दुबकने का नहीं बल्कि आने वाले सीजन की तैयारी करने का है। जनवरी और फरवरी का महीना सब्जी उत्पादकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय 'अगेती खेती' यानी समय से पहले फसल तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त है। अगर किसान भाई अभी से सही रणनीति अपनाएं तो वे गर्मियों की शुरुआत में ही अपनी फसल बाजार में उतारकर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं।

ठंड में कौन सी फसलें लगाएंगी बेड़ा पार

प्रगतिशील किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो तरह की फसलों पर फोकस करना चाहिए। पहला वह सब्जियां जो ठंड में ही होती हैं जैसे पालक, मेथी, गाजर, मूली, मटर, गोभी और ब्रोकली। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण वह फसलें हैं जो गर्मियों में आती हैं लेकिन उनकी तैयारी अभी करनी होती है। इसमें भिंडी, लौकी, करेला, ककड़ी, टमाटर और बैंगन शामिल हैं। इनकी नर्सरी अभी तैयार करके फरवरी के अंत या मार्च में खेत में रोपाई की जा सकती है।

मिर्च की खेती के लिए एचएयू की खास सलाह



चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कुलपति प्रोफेसर बीआर काम्बोज ने मिर्च की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया कि बसंतकालीन मिर्च की फसल के लिए खेत की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। जनवरी महीने के अंत तक मिर्च की रोपाई करना सबसे सही रहता है।

कौन सी किस्मों का करें चयन

अच्छी पैदावार के लिए बीज का सही चुनाव बहुत जरूरी है। विश्वविद्यालय ने किसानों को निम्नलिखित किस्में प्रयोग करने की सलाह दी है:

  • सामान्य मिर्च: इसके लिए 'एनपी 46 ए' या 'पंत सी 1' किस्म सबसे बेहतर मानी गई है। एक एकड़ खेत के लिए लगभग 400 ग्राम बीज की जरूरत पड़ती है।

  • शिमला मिर्च: अगर आप शिमला मिर्च लगाना चाहते हैं तो 'कैलिफोर्निया वंडर' नामक किस्म का प्रयोग करें। इसके लिए भी प्रति एकड़ 400 ग्राम बीज पर्याप्त होगा। Read More

धुंध के बीच अच्छी खबर: सरसों में बढ़ेगी तेल की मात्रा, माहू कीट का प्रकोप होगा कम

 

हरियाणा में कोहरे की मार लेकिन किसानों के लिए बहार, गेहूं और सरसों की फसल को होगा बंपर फायदा

हरियाणा के मौसम में इन दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के यमुनानगर और आसपास के जिलों में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह के समय पूरा इलाका घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आता है। जहां एक तरफ यह कोहरा वाहन चालकों और आम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ यह अन्नदाताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह गिरता तापमान रबी की फसलों के लिए 'सोने पे सुहागा' साबित होगा।

सरसों की खेती के लिए अमृत है यह ठंड



मौजूदा मौसम को देखते हुए किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड सरसों की फसल के लिए बेहद लाभदायक है। Read More

  • तेल की मात्रा बढ़ेगी: इस समय पड़ रही ठंड से सरसों के दानों में तेल की प्रतिशत मात्रा में इजाफा होगा।

  • कीटों का खात्मा: ठंड बढ़ने से माहू (एफिड) जैसे हानिकारक कीड़ों का प्रकोप अपने आप कम हो जाता है जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च बचता है।

  • आदर्श तापमान: सरसों की बेहतरीन बढ़वार के लिए 10 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है और अभी मौसम बिल्कुल अनुकूल बना हुआ है।