Neem Water for Tulsi Plant : हिंदू धर्म में आस्था का केंद्र और औषधीय गुणों की खान माना जाने वाला तुलसी का पौधा लगभग हर भारतीय घर के आंगन की शोभा बढ़ाता है। लेकिन अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि कड़ी देखभाल के बाद भी तुलसी का पौधा सूख जाता है, पत्तियां पीली पड़ जाती हैं या उनमें काले-सफेद कीड़े लग जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बागवानी विशेषज्ञों ने एक बेहद सस्ता और पूरी तरह से प्राकृतिक उपाय सुझाया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले जहरीले केमिकल कीटनाशकों के बजाय नीम का पानी तुलसी को पुनर्जीवन देने और उसे कीड़ों से बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
तुलसी के लिए संजीवनी क्यों माना जाता है नीम का पानी?
नीम को सदियों से एक बेहतरीन प्राकृतिक एंटी-फंगल और कीटनाशक माना गया है। इसकी पत्तियों और छाल में ऐसे कड़वे तत्व पाए जाते हैं जो पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले बारीक कीड़ों, मिलीबग और एफिड्स को तुरंत दूर भगाते हैं। तुलसी पर अक्सर सफेद रंग के मिलीबग का हमला होता है, जो धीरे-धीरे पौधे का पूरा रस चूस लेते हैं। ऐसे में नीम का पानी पौधे पर एक अदृश्य सुरक्षा कवच बना देता है। चूंकि तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल चाय, काढ़े और पंचामृत में सीधे तौर पर होता है, इसलिए इस पर किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। Read More

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