Saturday, April 2, 2022

chaitra navratri wishes in Hindi

 chaitra navratri wishes in Hindi: We bring to you best and newest Chaitra Navratri wishes 2022. A collection of unique Chaitra Navratri wishes in English, Happy Navratri messages which make lovely Facebook messages and WhatsApp status.

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chaitra navratri wishes in Hindi

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“आपको चैत्र नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं। आपकी सभी चुनौतियों से लड़ने के लिए आपको बहुत ताकत प्रदान करने के लिए माँ दुर्गा हमेशा मौजूद हैं। ”

“चैत्र नवरात्रि के अवसर पर, मैं कामना करता हूं कि देवी दुर्गा आपके और आपके परिवार पर अपना आशीर्वाद और प्यार बरसाए। आपको चैत्र नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं।”

“आप को चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। यह शुभ अवसर आपके जीवन में समृद्धि, खुशियां और सफलता लाए।”

“चैत्र नवरात्रि के अवसर पर, मैं कामना करता हूं कि आपके जीवन का प्रत्येक दिन नौ देवियों का आशीर्वाद हो। आपको चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं।”

“आपको और आपके प्रियजनों को चैत्र नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आइए हम इस शुभ अवसर को हम पर देवी-देवताओं की कृपा से मनाएं। ”

“चैत्र नवरात्रि के अवसर पर, आइए हम सभी देवी-देवताओं को उनके प्यार और उनके आशीर्वाद के लिए धन्यवाद दें। इस पावन अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई।”

“चैत्र नवरात्रि के उत्सव आपको सकारात्मकता से घेरें और आपको अपार आनंद प्रदान करें। आपको चैत्र नवरात्रि 2022 की शुभकामनाएं।”

“माँ दुर्गा आपको जीवन में कठिनाइयों और समस्याओं का सामना करने और विजेता के रूप में उभरने की शक्ति प्रदान करे। आपको चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं।”

chaitra navratri wishes in Gujarati

How to Impress a Girl in Hindi Tips and Tricks इन टिप्स को करें फॉलो लड़की एक झटके में हो जाएगी इंप्रेस

 

How to Impress a Girl in Hindi Tips and Tricks

इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली :

How to Impress a Girl in Hindi Tips and Tricks आजकल हर युवा चाहता है कि उसकी सुंदर सी अच्छी सी गर्लफ्रैंड हो जो उसके दुःख सुख में उसके साथ हो और वे उसके साथ मन भर के बातें कर सके, उसके साथ अपने अच्छे और बुरे दोनों एक्सपेरिंस को शेयर कर सके। ख्वाहिश तो सभी की होती है लेकिन पूरी कुछ ही गिने चुने लोगो कि होती है कई कारणों के चलते आपकी गर्लफ्रैंड नहीं बन पाती है। आज हम इन्ही पर बात करेंगे यदि आप भी चाहते हैं गर्लफ्रैंड बनाना तो आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

How to Impress a Girl in Hindi Tips and Tricks

पार्टनर के साथ करें इंटरेस्टिंग चैट

How to Impress a Girl in Hindi Tips and Tricks

How to Impress a Girl in Hindi Tips and Tricks: यदि आप किसी को लाइक करते हैं तो आप उनसे पहले प्यारी प्यारी बातें करें। उनके बारे में जानने कि कोशिश करें और उसे ऐसा फील कराएं की आप उनमे इंट्रेस्टेड हो पर इस बात का ख़ास ख्याल रखे की बात करते वक्त उसके पीछे ना पड़ जाए। केवल समय-समय पर ही बात करें और बात करते समय उन ही टॉपिक पर बात करें, जिस पर वो बात करने में इंटरेस्टेड है। ऐसा न करें की आप कोई राजनीति या अर्थशास्त्र का मुद्दा लेकर बैठ जाएं। उनकी पंसद से ही बात को शुरु करें ।

Amarnath Yatra Registration 2022 जानिए यात्रा के रजिस्ट्रेशन से लेकर आवश्यक दस्तावेज़ संबंधी सारी जानकारी

 

Amarnath Yatra Registration 2022

Highlights

  • अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें
  • अमरनाथ यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज़
  • अमरनाथ यात्रा के लिए आयु सीमा क्या है?
  • अमरनाथ यात्रा जाने के कितने रास्ते हैं?
  • 2022 में yatra के नियम क्या?
  • अमरनाथ गुफा कहां स्थित है?

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:

Amarnath Yatra Registration 2022 : पूरे दो साल बाद जून से अमरनमाथ यात्रा शुरू होने जा रही है। वहीँ आपके मन में यात्रा से जुड़े बहुत से सवाल होंगे, जैसे यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें, रजिस्ट्रेशन के लिए कितनी फीस देनी होगी और ऑनलाइन कैसे रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं ऐसे ही अनेक सवालों के जवाब आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से देंगे।

बता दें कि यह निर्णय बीते दिनों जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में उपराज्यपाल ने बताया कि (Amarnath Yatra registration date) 30 जून 2022 से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी। और पूरे 43 दिनों के बाद 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। तो आइए जानते हैं इसके लिए रजिस्ट्रेशन कैसे कराए जाते हैं।

कब होती है अमरनाथ यात्रा

Amarnath Yatra Registration 2022

अमरनाथ यात्रा आमतौर पर जुलाई-अगस्त के दौरान होती है, जब हिंदुओं का पवित्र महीना सावन पड़ता है। शुरू में तीर्थयात्रा 15 दिन या एक माह के लिए आयोजित होती थी। 2004 में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रा को लगभग दो माह तक आयोजित करने का फैसला किया गया था। वहीं 2019 में ये यात्रा 1 जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन आर्टिकल- 370 हटाए जाने से कुछ दिनों पहले सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कैंसिल कर दी गई थी। (Amarnath Yatra registration start date 2022)

अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण कैसे करें

Plastic in Human Blood जानिए, लोगों के खून तक कैसे पहुंच रहा प्लास्टिक, इससे कौन सी बीमारियों का है डर?

 Plastic in Human Blood: क्या कभी आपने ये सोचा है कि व्यक्ति के शरीर में बनने वाले खून में प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण भी मिले हो सकते हैं। इस बात पर इतना परेशान होने की आवश्यकता नहीं, बल्कि सचेत रहने की जरूरत है। बता दें नीदरलैंड की यूनिवर्सिटी (Vrije Universiteit Amsterdam) ने एक रिसर्च की है।

Effect of plastic pollution on Humans

Effect of plastic pollution on Humans

इसमें पता चला है कि 80 फीसदी लोगों के खून में प्लास्टिक के कण (Plastic particles) मौजूद हैं। तो चलिए जानते हैं कि कैसे बना प्लास्टिक। क्या होती है माइक्रोप्लास्टिक (Microplastics), शोध से क्या पता चला। खून में कैसे पहुंचता है प्लास्टिक। इससे शरीर को क्या है नुकसान?

कैसे तैयार हुआ प्लास्टिक? 

Plastic Harmful To The Body

आमतौर पर यह माना जाता है कि कोयला और तेल को मिलाकर प्लास्टिक को तैयार किया जाता है। काफी हद तक ये सही भी है। लेकिन कहते हैं कि आज से करीब 100 साल पहले बेल्जियम मूल के साइंटिस्ट लियो बैकलैंड ने फिनोल और फॉर्मेल्डिहाइड नाम के दो केमिकल को मिलाकर एक पदार्थ बनाया, जिसका नाम बैकेलाइट दिया गया। इसी बैकेलाइट को सबसे पहला प्लास्टिक या सिंथेटिक प्लास्टिक कहा गया।

Human Health Plastic Pollution effects on Humans

Friday, April 1, 2022

Happy Ugadi 2022 Wishes for Friends

 Happy Ugadi 2022 Wishes for Friends: Ugadi or Yugadi is observed as the first day of the New Year in the states of Andhra Pradesh, Telangana and Karnataka. On this day, a new Samvatsara, that is a cycle of sixty years, begins. All sixty Samvatsara have a unique name. In Maharashtra, Ugadi is celebrated as Gudi Padwa. Both Ugadi and Gudi Padwa fall on the same day.

Happy Ugadi 2022 Wishes for Friends

May you be showered with choicest blessings of Almighty on the occasion of Ugadi and you the best year ahead full of success and great fortune.

I find myself extremely fortunate to have a friend like you…. May the festivities of Ugadi bring along lots of success and goodness in your life.

Success in everything to you and happiness in everything that comes your way is what I wish for you on the occasion of Ugadi to you my friend.

Also Read: Quotes on Hindu Nav Varsh in Hindi

Happy Ugadi 2022 Messages for Friends

Sending you lots of smiles on Ugadi….. Sending you lots of enjoyment and celebrations on Ugadi….. Sending you best wishes on Ugadi.

To my wonderful friend who always inspires me and supports me, I wish you the best of Ugadi celebration.

May our bond of friendship be blessed with the best of happiness and health, success and prosperity….. Best wishes on Ugadi to you.

May you be surrounded with colours and brightness, sparkles and joy in each and every day of your life…. Wishing a very Happy Ugadi to you my friend.

Quotes on Hindu Nav Varsh in Hindi

 Quotes on Hindu Nav Varsh in Hindi: The beautiful festival of Hindu Nav Varsh 2022 is the time for celebrations. Hindu Nav Varsh 2022 is considered one of the most auspicious times of the year. Sending Happy Hindu Nav Varsh messages and warm Hindu Nav Varsh 2022 best wishes to family, friends and relatives on Whatsapp and Facebook is the best way to send Hindu Nav Varsh blessings to the people you know. Exchange Hindu Nav Varsh wishes with your near and dear ones on this energetic occasion and shower them with heartfelt blessings.

Here is a beautiful collection of best Hindu Nav Varsh 2022 Status, Hindu Nav Varsh Whatsapp Status, Facebook Messages Happy Hindu Nav Varsh messages in Hindi and English to send Hindu Nav Varsh wishes on Facebook and Whatsapp.

Quotes on Hindu Nav Varsh in Hindi

Quotes on Hindu Nav Varsh in Hindi

घर में आए शुभ संदेश,
धरकर खुशियों का वेश
पुराने साल को अलविदा है भाई,
है सबको नवीन वर्ष की बधाई।
हिन्दू नव वर्ष की शुभकामनाएं!

सदा दूर रहो गम की परछाइयों से,
सामना ना हो कभी तन्हाइयों से
हर अरमान और हर ख्वाब पूरा हो आपका,
यही दुआ है दिल की गहराइयों से।
हिन्दू नव वर्ष की शुभकामनाएं!

नया सवेरा एक नई किरण के साथ,
नया दिवस एक प्यारी मुस्कान के साथ
आपको ये नव वर्ष मुबारक मेरी ढेर सारी दुआओं के साथ।
हिन्दू नव वर्ष की हार्दिक बधाई !

सोचा किसी अपने से बात करें,
अपने किसी खास को याद करें,
किया जो फैसला हिन्दू नव वर्ष की शुभकामनाए देने का,
मेरे दिल ने कहा क्यों न Wish करने की शुरुआत आप से करें।
हिन्दू नव वर्ष की हार्दिक बधाई !

Happy Hindu Nav Varsh messages

Chaitra Navratri 2022 Maa Shailputri Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti

 Chaitra Navratri 2022 Maa Shailputri Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। इस बार नवरात्र 7 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। पहले दिन मां शैलपुत्री की महिमा का गुणगान करने से लाभ होता है। मां शैलपुत्री के मंत्रों का उच्चारण करने से हर बाधा दूर होती है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि कैसे मां शैलपुत्री का पूजन करें और कैसे उनके मंत्रों का उच्चारण करें।

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नवरात्र के प्रथम व्रत की पूजा विधि Navratri 2022 Day 1 Maa Shailputri Puja Vidhi

Happy Navratri 2022 Wishes Messages for Students

Chaitra Navratri 2022 Maa Shailputri Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: 7 अक्टूबर को पहला नवरात्र है। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। इसके लिए सबसे पहले आप सूरज निकलने से पहले उठें। स्रान करें और स्वच्छ कपड़े धारण करें। इसके बाद एक मंदिर में पवित्र चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां की मूर्ति या फोटो को स्थान दें। फोटो या मूर्ति स्थापित करने से पहले उसे गंगा जल से स्रान करवा दें। इसके बाद दीप जलाएं और धूप-अगरबत्ती से पूजन शुरू करें। साथ ही मां को फूल चढ़ाएं।

Chaitra Navratri 2022 Maa Brahmacharini Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti

 Chaitra Navratri 2022 Maa Brahmacharini Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का पूजन किया जाता है। पुराणों में लिखा है कि देवी ने हिमालय के घर अवतरण लिया था। इसके बाद देवी ने भगवान शंकर से विवाह के लिए घोर तपस्या की थी।

कठिन तपस्या के कारण देवी का शरीर एकदम क्षीण हो गया। देवता, ऋषि, सिद्धगण, मुनि सभी ने ब्रह्मचारिणी की तपस्या को अभूतपूर्व पुण्य कृत्य बताया और कहा- हे देवी आज तक किसी ने इस तरह की कठोर तपस्या नहीं की। आपकी मनोकामना परिपूर्ण होगी और भगवान शिवजी आपको पति रूप में प्राप्त होंगे। मां की कथा का सार ये है कि जीवन के कठिन संघर्षों में भी मन विचलित नहीं होना चाहिए।इसी तप के कारण देवी को ब्रह्मचारिणी के नाम से पुकारा जाता है।

Maa Brahmacharini Puja Vidhi



Chaitra Navratri 2022 Maa Brahmacharini Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी को मां पार्वती का अविवाहित रूप माना जाता है। मां ब्रह्मचारिणी के बारे में हिंदू ग्रंथों में लिखा है कि भगवान शिव से विवाह करने के लिए उन्होंने घोर तप किया था और इसी कारण उन्हें यह नाम मिला। नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करने से हर जीव को जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा, मां हो जाएंगी प्रसन्न
Maa Chandraghanta Puja Vidhi

मां ब्रह्मचारिणी पूजा विधि Maa Brahmacharini ki puja kaisay karen

Chaitra Navratri 2022 Maa Chandraghanta Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti

 Chaitra Navratri 2022 Maa Chandraghanta Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: नवरात्र के पावन अवसर पर हम आज आपको नवरात्रि के तीसरे दिन बता रहे हैं कि इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। ये देवी पार्वती का रौद्र रूप हैं। मां चंद्रघंटा शेर की सवारी करती हैं। इनका शरीर सोने की तरह चमकता है और इनकी 10 भुजाएं हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र है। इसी कारण मां चंद्रघंटा को इस नाम से पुकारा जाता है। इस लेख में हम आपको मां चंद्रघंटा की पूजा विधि और मंत्रों की जानकारी देंगे।

मां चंद्रघंटा की पूजा विधि Maa Chandraghanta Puja Vidhi

Navratri 2022 Messages for Girlfriend

Chaitra Navratri 2022 Maa Chandraghanta Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: पूजन से पूर्व सुबह सूर्य उगने से पहले स्नान करें और स्वच्छ कपड़े धारण करें। इसके बाद मां की प्रतिमा या फोटो को गंगा जल से स्नान करवाएं और दीप जलाएं। इसके बाद मां को फल-फूल और मिष्ठान अर्पित करें। आप मां के मंत्रों का उच्चारण करें या दुर्गा चालीसा का पाठ करें। इससे आपको मानसिक और शारीरिक शांति मिलेगी।

मां चंद्रघंटा की मंत्र Maa Chandraghanta Puja Mantra

Happy Navratri 2022 Wishes to Customers

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नम:॥

प्रार्थना मंत्र:
पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैयुर्ता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

स्तुति:
या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

Chaitra Navratri 2022 Maa Kushmanda Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti

 Chaitra Navratri 2022 Maa Kushmanda Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप यानी मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार चौथे दिन मां कूष्मांडा की अर्चना करने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। इसके साथ ही मां दीर्घायु का आशीर्वाद भी देती हैं। मां कूष्मांडा का मतलब कुम्हड़ा से है। ऐसी मान्यता है

Chaitra Navratri 2022 Maa Kushmanda Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: मां कूष्मांडा ने संसार को दैत्यों के अत्याचार से मुक्त करने के लिए अवतार लिया था। इनका वाहन सिंह है। मान्यता है कि इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में स्थित है। मां के इस स्वरूप की उपासना से आयु, यश और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। दुर्गा चालीसा के अनुसार मां कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं और उनकी सवारी सिंह है। मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना करने से सूर्य प्रबल होता है और जीवन के सभी सकंट दूर हो जाते हैं। आज हम आपको मां कूष्मांडा की महिमा, पूजा विधि, मंत्रों और आरती के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

मां कूष्मांडा पूजा विधि Maa Kushmanda Puja Vidhi

Chaitra Navratri 2022 Maa Katyayni Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi

Chaitra Navratri 2022 Maa Kushmanda Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: चौथे दिन सुबह सूर्य निकलने से पहले स्नान करें और उसके बाद स्वच्छ कपड़े पहनें। इसके बाद मां कूमांडा की पूजा-अर्चना करने से पूर्व सबसे पहले गौरी-गणेश का ध्यान करें और गणेश वंदना करें। इसके बाद कलश पूजन करें और मां कूष्मांडा का ध्यान करते हुए हाथ में फूल लेकर मां का ध्यान लगाएं। मां कूष्मांडा को सफेद पुष्प चढ़ाएं साथ ही मेवे भी अर्पित करें। मां को कुमकुम का तिलक लगाएं और उनकी आरती करें।
मां कूष्मांडा की आरती के बाद आप इस मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं-

सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे

संतान प्राप्ति और संतान की लंबी आयु के लिए ऐसे करें स्कंदमाता की पूजा
Skandamata Puja Vidhi

मां कूष्मांडा व्रत कथा Maa Kushmanda Varat Katha

Chaitra Navratri 2022 Maa Skandamata Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti

 Chaitra Navratri 2022 Maa Skandamata Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: नवरात्र के 5वें दिन दुर्गा मां के पांचवें अवतार यानी स्कंदमाता की पूजा का विधान है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता होने के कारण भी इन्हें स्कंदमाता नाम से जाना जाता है।

स्कंदमाता की पूजा करने वालों के जीवन में कभी भी सकंट नहीं आता है और वे हमेशा सुखी और संपन्न रहते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार जिन महिलाओं को गर्भ धारण करने में, या फिर संतान सुख से वंचित महिलाओं को स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इससे मां प्रसन्न होकर उन्हें संतान सुख प्रदान करती हैं। इसके लिए आपको मां की ऐसी प्रतिमा या फोटो का चयन करना है जिसमें मां की गोद में भगवान स्कंद विराजमान हों। आज हम आपको बताएंगे कि स्कंदमाता की पूजा अर्चना कैसे करें। मां को कैसे प्रसन्न करें।

मां स्कंदमाता पूजा विधि Maa Skandamata Puja Vidhi



Chaitra Navratri 2022 Maa Skandamata Puja Vidhi Timings Mantra Muhurat Aarti: नवरात्र के पांचवें दिन सुबह सूर्य निकलने से पूर्व स्नान कर लें और स्वच्छ कपड़े धारण करें। मंदिर में स्कंदमाता की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। अगर माता के इस स्वरूप की प्रतिमा नहीं है तो आप मां पार्वती की प्रतिमा की भी पूजा कर सकते हैं। कलश की पूजा करें। इसके बाद स्कंदमाता को कुमकुम लगाएं और नैवेद्य अर्पित करें। माता के मंत्रों का जाप कर नवरात्रि के पांचवें दिन की कथा सुनें। धूप-दीपक से मां की आरती उतारें और स्कंदमाता को केले का भोग लगाएं। स्कंदमाता को किसी भी प्रकार के पुष्प अर्पित कर सकते हैं।

मां कात्यायनी की ऐसे करेंगे पूजा तो आपकी जिंदगी संवर जाएगी
Maa Katyayni Puja Vidhi

मां स्कंदमाता मंत्र Navratri 2022 Maa Skandamata Mantra

Chaitra Navratri 2022 Maa Katyayni Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi

 Chaitra Navratri 2022 Maa Katyayni Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे अवतार यानी मा कात्यायनी की पूजा का विधान है। इस दिन सूर्य उदय से पूर्व उठें और स्नान करके स्वच्छ कपड़े धारण करने के बाद ही मां की आराधना करनी चाहिए। कात्यायनी माता की तेजोमयी छवि भक्तों के हृदयों को सुख और शांति प्रदान करती है।

कात्यायनी माता की पूजा विधि Chaitra Navratri 2022 Maa Katyayni Puja Vidhi




Chaitra Navratri 2022 Maa Katyayni Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: इस दिन सूर्य उदय से पूर्व उठें और स्नान करके स्वच्छ कपड़े धारण करने के बाद ही मां की आराधना करनी चाहिए। सबसे पहले मंदिर में मां कात्यायनी की प्रतिमा या फोटो को गंगा जल से स्नान करवाएं। इसके बाद मां कात्यायनी का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप करें। इसके बाद दुर्गा स्तुति, दुर्गा चालीसा और दुर्गा कथाओं को पढ़ें या सुनें। फिर मां दुर्गा की आरती करें।

जानिए कैसे प्रत्यक्ष फल देती हैं मां कालरात्रि
Maa Kalratri Puja Vidhi

कात्यायनी माता की कथा Chaitra Navratri 2022 Maa Katyayni Katha

Chaitra Navratri 2022 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi

 Chaitra Navratri 2022 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि देवी दुर्गा का सातवां अवतार हैं। ग्रंथों के अनुसार मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करने वाले भक्त भयमुक्त रहते हैं। ऐसे मां के भक्तों को अग्नि, जल, शत्रु आदि किसी का भी भय नहीं होता।

Chaitra Navratri 2022 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: मां कलारात्रि को शुभंकरी भी कहा जाता है क्योंकि मां हमेशा शुभ फल प्रदान करती हैं। हिंदु ग्रंथों के अनुसार मां कालरात्रि की पूजा करने वाला का काल नष्ट हो जाता है। यह रूप मां की वीरत और साहस के रूप में देखा जाता है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको मां कालरात्रि की पूजा विधि, व्रत कथा, आरती, मंत्र, मुहूर्त की जानकारी दे रहे हैं। हिंदू ग्रंथों के अनुसार मां कालरात्रि मां काली का ही रूप हैं। ऐसी मान्यता है कि कलयुग में सिर्फ मां कालरात्रि ही प्रत्यक्ष फल देती हैं। आपने भी महसूस किया होगा कि काली, भैरव तथा हनुमान जी की उपासना करने के बाद ही सारे काम बन जाते हैं। यह बात सच भी है क्योंकि ये ही ऐसे देवी व देवता हैं जो प्रत्यक्ष फल प्रदान करते हैं।

मां कालरात्रि पूजा विधि Chaitra Navratri 2022 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi



Chaitra Navratri 2022 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: ज्योतिषाचार्य मदन गुप्ता सपाटू के अनुसार नवरात्र के 7वें दिन सुबह सूर्य उदय से पहले स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मंदिर में मां की प्रतिमा को गंगा जल से स्नान कराएं। गणेश जी का वंदन करें और इसके बाद मां कालरात्रि का ध्यान करें। मां को फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जब भी आप मां के किसी भी रूप का वंदन करें अपने सिर को ढांक कर रखें। संध्या के समय भी ऐसे ही पूजन करें।

Chaitra Navratri 2022 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi

 Chaitra Navratri 2022 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: नवरात्र के आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार मां महागौरी की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। मां गौरी अपने हर भक्त का कल्याण करती हैं और उनको सभी समस्याओं से मुक्ति दिलाती हैं। इसी दिन कन्या पूजन किया जाता है। वहीं कुछ भक्त 9वें दिन कन्या पूजन करते हैं। इस दिन दुर्गा सप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ करना विशेष फलदायी होता है। जो लोग 9 दिन का व्रत नहीं रख पाते हैं, वे पहले और आठवें दिन का व्रत कर पूरे 9 दिन का फल प्राप्त करते हैं।

पूजा विधि: Chaitra Navratri 2022 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi

6th Navratri Maa Katyayani Wishes in Hindi

Chaitra Navratri 2022 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: ज्योतिषाचार्य मदन गुप्ता सपाटू के अनुसार नवरात्र के 7वें दिन सुबह सूर्य उदय से पहले स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मंदिर में मां की प्रतिमा को गंगा जल से स्नान कराएं। गणेश जी का वंदन करें और इसके बाद मां महागौरी का ध्यान करें। मां को फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जब भी आप मां के किसी भी रूप का वंदन करें अपने सिर को ढांक कर रखें। संध्या के समय भी ऐसे ही पूजन करें।

सिद्धियां प्राप्त करने के लिए ऐसे करें मां सिद्धिदात्री की पूजा
Siddhidatri Puja Vidhi

महागौरी की कथा Chaitra Navratri 2022 8th Day Maa Mahagauri Vrat Katha

3rd Navratri Maa Chandraghanta Wishes in Hindi

Chaitra Navratri 2022 8th Day Maa Mahagauri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: देवीभागवत पुराण में मां महागौरी के तप का उल्लेख मिलता है। इसके अनुसार तप के दौरान मां सिर्फ कंदमूल और फलों का ही आहार करती थीं। इसके बाद मां ने वायु पीकर तप किया और इसी कारण मां को महागौरी के नाम से पुकारा जाने लगा। मां की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और उन्होंने मां महागौरी से गंगा में स्नान करने को कहा। जब मां गंगा में स्नान करने गई तो उसी वक्त मां का श्याम वर्ण प्रकट हुआ। इसे मां कौशिकी कहा जाता है। इसके बाद मां का एक उज्ज्वल स्वरूप प्रकट हुआ। इसे महागौरी रूप कहा गया।

Navratri 2022 9th Day Maa Siddhidatri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi

 

पूजा विधि: Navratri 2022 9th Day Maa Siddhidatri Puja Vidhi

Navratri 2022 9th Day Maa Siddhidatri Puja Vidhi Vrat Katha Mantra Aarti in Hindi: ज्योतिषाचार्य मदन गुप्ता सपाटू के अनुसार सूर्य उदय से पहले स्नान कर लें। इस दिन विशेष हवन किया जाता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री के साथ बाकी के सभी स्वरूप की पूजा की जाती है। इसलिए सर्वप्रथम गणेश जी का ध्यान करें और उनका पूजन करें। फिर देवियों के सभी स्वरूपों को प्रणाम करें और इसके बाद मां सिद्धिदात्री को नमन करें। मां का तिलक करें और फूल-फल और मिष्ठान अर्पित करें। हवन करते वक्त सभी देवी दवताओं के नाम से आहुति देनी चाहिए। इसके बाद ब्राह्मणों को दान देना चाहिए।



मां सिद्धिदात्री की कथा Navratri 2022 9th Day Maa Siddhidatri Katha

भगवान शिव ने भी मां सिद्धिदात्री की उपासना की थी, तभी उन्हें संपूर्ण सिद्धियां प्राप्त हुई थी। इसका उल्लेख देवी पुराण में मिलता है। मां सिद्धिदात्री बहुत की कृपालु हैं और ब्रह्मांड की सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं। यही कारण है कि जीव ही नहीं बल्कि गंधर्व, यक्ष, देवता और असुर सभी इनकी आराधना करते हैं।

Navratri Diet of Sago : इस नवरात्र डाइट में शामिल करें साबूदाना, बनेगी सेहत

 

हड्डियों को बनाता है मजबूत (Navratri Diet of Sago)

Navratri Diet of Sago

साबूदाने के सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है। ऐसा इसलिए क्योंकि साबूदाना में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम होता है। इसके साथ ही मैग्नीशियम होता है जो कि हड्डियों को टूटने से बचाने में मददगार है।

शरीर को देता है एनर्जी (Navratri Diet of Sago)

व्रत के दौरान शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। ऐसे में साबूदाने का सेवन करने से आप दिनभर एक्टिव फील करेंगे। इसके साथ ही शरीर स्वस्थ रहेगा।

वजन घटाने में करता है मदद (Navratri Diet of Sago)

Navratri Diet of Sago

अगर किसी का वजन बढ़ा हुआ है और उसे वजन कम करना है तो भी उसमें साबूदाना आपकी मदद करेगा। साबूदाना में कैलोरी और काबोर्हाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है। साबूदाना थोड़ा हैवी भी होता है। ऐसे में इसका सेवन करने से आपका पेट लंबे वक्त तक भरा रहेगा और आपको जल्दी भूख नहीं लगेगी। लिहाजा वजन कम होने में सहायता मिलेगी।

Navratri Recipes : नवरात्रि में नही होगी हेल्दी खाने की कमी, ट्राई करें ये रेसिपी

 

साबूदाने की खिचड़ी (Navratri Recipes)

Navratri Recipes

साबूदाने की खिचड़ी खाने में हल्की होती है। आप साबूदाने के साथ पीनट्स और हल्के मासले मिलाकर बना सकते हैं। साबूदाना काबोर्हाइड्रेट का स्त्रोत हैं। इससे आपको व्रत के दौरान एनर्जी मिलेगी।

कूट्टू का डोसा (Navratri Recipes)

कुट्टू का डोसा के साथ आप आलू की फिलिंग भर सकती है। आप इसके साथ नारियस या मिनट की चटनी परोस सकते हैं।

मखाना खीर (Navratri Recipes)

Navratri Recipes

नवरात्रि के दौरान मखाना की खीर सबसे स्वादिष्टी होती है। आप इसके साथ ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल कर सकते हैं। मखाना खीर सेहत के लिए हेल्दी होती है और इससे आपका फैट भी नहीं बढ़ेगा।

Top 10 Reasons For Navratri Kanya Pujan : नवरात्र में क्यों जरूरी है कन्या पूजन

 

Navratri Kanya Pujan का महत्त्व

यदि देवज्ञ राजेंद्र भारद्वाज की मानते तो हिन्दू धर्म में नवरात्रि के दौरान दुर्गाष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को नौ देवियों का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है। मान्यता यह है कि कन्याओं का देवियों की तरह आदर सत्कार और भोज कराने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख समृधि का आशीर्वाद देती हैं। यह भी माना जाता है कि नौ कन्याओं को नौ देवियों के रूप में पूजने के बाद और उन्हें श्रद्धा भाव से भोजन कराने के बाद ही श्रद्धालुओं का नवरात्रि व्रत पूरा होता है। भक्त जान अपनी सामर्थ्य के अनुसार उन्हें भोग लगाकर दक्षिणा देते हैं और मां दुर्गा को प्रसन्न करते हैं।



कन्या पूजन की विधि (Navratri Kanya Pujan)

देवज्ञ राजेंद्र भारद्वाज बताते हैं कि अष्टमी या नवमी तिथि में कन्या भोज और पूजन के लिए सर्वप्रथम कन्याओं को आमंत्रित अवश्य करें। सभी कन्याओं को पुष्प अर्पित करके मस्तक अक्षत, फूल और कुंकुम लगाएं। नव दुर्गा के सभी नौ नामों के जयकारे लगाते हुए कन्याओं को पूजन और भोजन के लिए आसान पर बैठा दें। सभी कन्याओं के पैर साफ पानी से किसी थाल में धुलें और कन्याओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें। फिर मां भगवती का ध्यान करके इन देवी रूपी कन्याओं को उनकी इच्छा के अनुसार भोजन कराएं। भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा, उपहार देकर उनके पुन: पैर छूकर आशीर्वाद लें और उन्हें विदा करें।

How to detox the body during Navratri and get rid of toxins

 How to detox the body during Navratri and get rid of toxins नवरात्रि का त्योहार शुरू हो गया है। देवी के इन नौ दिनों में लोग पूजा अर्चना करने के साथ ही व्रत भी रखते हैं। आप कैसे व्रत रखना चाहते हैं ये आपके ऊपर है लेकिन कुछ तरीकों का प्रयोग करके आप इस मौके पर अपनी बॉडी डिटॉक्स कर सकते हैं।

हालांकि कोई भी तरीका अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर लें और कोई गंभीर बीमारी हो तो इसे ट्राय न करें. उस कंडीशन में जब आप पूरी तरह स्वस्थ हैं और शरीर से टॉक्सिन्स निकालना चाहते हैं तो ये हैं कुछ उपाय।



व्रत अपने आप में डिटॉक्सीफिकेशन करता है (How to detox the body during Navratri and get rid of toxins)

व्रत कौन सा रखें इससे ज्यादा जरूरी है कि व्रत रखें। ये अपने आप में डिटॉक्सीफिकेशन के लिए काफी है। हालांकि यहां पर कंडीशन अप्लाइड है कि इस दौरान खाने से दूर रहें। व्रत के लिए खासतौर पर बनने वाला तला-भुना खाना आपको इस दौरान नहीं खाना है। बेस्ट तो ये होगा कि आप कुछ भी न खाएं ताकि शरीर से गंदगी बाहर निकल सके।

4 Mantras to Worship the third Goddess of Navratri, Mother Chandraghanta नवरात्रि की तीसरी देवी मां चंद्रघंटा की उपासना के 4 मंत्र

 

4 Mantras to Worship the third Goddess of Navratri, Mother Chandraghanta

नवरात्रि की तृतीया को होती है देवी चंद्रघंटा की उपासना। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंधप्रिय है। उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं।
मां चंद्रघंटा की आराधना करने वालों का अहंकार नष्ट होता है और उनको सौभाग्य, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।

सरल मंत्र : ॐ एं ह्रीं क्लीं
माता चंद्रघंटा का उपासना मंत्र

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैयुर्ता।
प्रसादं तनुते मं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।



महामंत्र – या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नसस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

ये मां का महामंत्र है जिसे पूजा पाठ के दौरान जपना होता है।

मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र है- ऐं श्रीं शक्तयै नम:

मां दुर्गा की तीसरी शक्ति चंद्रघंटा की पावन कथा

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेयुर्ता।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

मां दुर्गा की तीसरी शक्ति हैं चंद्रघंटा। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा-आराधना की जाती है। देवी का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इसीलिए कहा जाता है कि हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखकर साधना करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है। इस देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है।