सोमवार, 1 जून 2026

तपती गर्मी में भी फूलों से भर जाएगा गुड़हल का पौधा, बस आजमाएं एक्सपर्ट्स के ये आसान टिप्स

Summer Hibiscus Care Tips : उत्तर भारत समेत हरियाणा के कई जिलों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। इस झुलसाने वाली धूप और लू के थपेड़ों के कारण घरों के बगीचों और बालकनी में लगे पौधे अक्सर सूखने या मुरझाने लगते हैं। लेकिन इस भीषण मौसम में भी लाल, पीले और गुलाबी रंग के फूलों से सजने वाला गुड़हल का पौधा आपके घर की रौनक बनाए रख सकता है। बशर्ते आपको चिलचिलाती धूप में इसकी देखभाल का सही तरीका पता हो। नर्सरी संचालकों और बागवानी एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद आसान और व्यावहारिक टिप्स साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने गुड़हल के पौधे को पूरे सीजन हरा-भरा और फूलों से भरपूर रख सकते हैं।

सुबह का पानी और धूप का सही संतुलन है सबसे जरूरी


गर्मियों के इस कड़े मौसम में गुड़हल के पौधे को पानी देने का समय सबसे ज्यादा मायने रखता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो पौधे को हमेशा सुबह सूरज उगने के तुरंत बाद या जल्दी पानी देना चाहिए। इससे मिट्टी दिनभर की तेज धूप को झेलने के लिए तैयार हो जाती है और जड़ों को लगातार नमी मिलती रहती है। हालांकि गुड़हल को फूल उगाने के लिए सीधी धूप की जरूरत होती है, लेकिन मई-जून की दोपहर वाली तीखी धूप इसकी कोमल पत्तियों को जला सकती है। इसलिए गर्मियों में गमले को ऐसे स्थान पर शिफ्ट करें जहां सुबह की 4-5 घंटे की सीधी धूप मिले और दोपहर बाद हल्की छाया रहे। Read More

सूखती हुई तुलसी में जान फूंक देगा नीम का पानी, जानें इस्तेमाल का सही तरीका और सावधानियां

Neem Water for Tulsi Plant : हिंदू धर्म में आस्था का केंद्र और औषधीय गुणों की खान माना जाने वाला तुलसी का पौधा लगभग हर भारतीय घर के आंगन की शोभा बढ़ाता है। लेकिन अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि कड़ी देखभाल के बाद भी तुलसी का पौधा सूख जाता है, पत्तियां पीली पड़ जाती हैं या उनमें काले-सफेद कीड़े लग जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बागवानी विशेषज्ञों ने एक बेहद सस्ता और पूरी तरह से प्राकृतिक उपाय सुझाया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले जहरीले केमिकल कीटनाशकों के बजाय नीम का पानी तुलसी को पुनर्जीवन देने और उसे कीड़ों से बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

तुलसी के लिए संजीवनी क्यों माना जाता है नीम का पानी?


नीम को सदियों से एक बेहतरीन प्राकृतिक एंटी-फंगल और कीटनाशक माना गया है। इसकी पत्तियों और छाल में ऐसे कड़वे तत्व पाए जाते हैं जो पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले बारीक कीड़ों, मिलीबग और एफिड्स को तुरंत दूर भगाते हैं। तुलसी पर अक्सर सफेद रंग के मिलीबग का हमला होता है, जो धीरे-धीरे पौधे का पूरा रस चूस लेते हैं। ऐसे में नीम का पानी पौधे पर एक अदृश्य सुरक्षा कवच बना देता है। चूंकि तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल चाय, काढ़े और पंचामृत में सीधे तौर पर होता है, इसलिए इस पर किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। Read More

बड़ी खबर: हरियाणा में 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ बढ़ा हुआ वेतन, सफाई कर्मियों को मिलेंगे ₹18,200

 Haryana Safai Karamchari Salary Hike : हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता व्यवस्था संभाल रहे हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। चंडीगढ़ में सरकार और आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से जारी गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। सूबे के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण पंवार के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति के बाद कर्मचारियों ने 15 मई से जारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश के गांवों में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट आई है और सभी कर्मी काम पर वापस आ गए हैं।

साढ़े 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मियों को पक्का करेगी सरकार



कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण पंवार ने कर्मचारी संगठनों को आधिकारिक तौर पर आश्वस्त किया है कि गांवों में तैनात करीब साढ़े 11 हजार सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए 31 दिसंबर 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की समीक्षा की जाएगी। सरकार इसके लिए एक विशेष नीति तैयार कर रही है ताकि इन कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो सके। इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले गरीब परिवारों को सीधे तौर पर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

वेतन बढ़कर होगा ₹26,000, हर साल मिलेगी वेतन वृद्धि

बैठक में कर्मचारियों के मानदेय को लेकर भी बेहद वित्तीय फैसले लिए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का कुल वेतन ₹26,000 करने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसमें हर साल ₹2100 की निश्चित बढ़ोतरी जोड़ी जाएगी। इसके साथ ही अंतरिम राहत देते हुए 1 जनवरी 2026 से कर्मचारियों का मासिक वेतन ₹16,100 से बढ़ाकर ₹18,200 कर दिया गया है। सरकार ने यह भी माना है कि इस वर्ग को महंगाई के दौर में आर्थिक संबल देना जरूरी है, जिसके तहत उन्हें हर साल दिवाली पर बोनस भी दिया जाएगा। Read More

हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खबर: अब मोबाइल ऐप से एडवांस बुक होगी यूरिया और डीएपी खाद

Haryana Digital Fertilizer Scheme : देश के अन्नदाताओं को अब खाद और यूरिया की किल्लत से निजात दिलाने के लिए सरकार एक बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी बदलाव करने जा रही है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' नाम से एक नई डिजिटल खाद वितरण प्रणाली तैयार की है। हरियाणा के यमुनानगर, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों को इस बेहद महत्वपूर्ण पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद किसानों को खाद की दुकानों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मोबाइल ऐप से होगी एडवांस बुकिंग, मिलेगा क्यूआर कोड



इस नई डिजिटल प्रणाली के तहत किसानों को खाद लेने से पहले अपने स्मार्टफोन पर मौजूद आधिकारिक ऐप के जरिए अग्रिम बुकिंग करनी होगी। ऐप पर किसानों को अपनी कृषि भूमि का ब्योरा और वर्तमान फसल की जानकारी दर्ज करनी होगी। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, किसान के मोबाइल पर एक क्यूआर कोड (QR Code) आधारित डिजिटल टोकन जारी हो जाएगा। यह टोकन इस बात की गारंटी होगा कि संबंधित किसान के हिस्से की खाद सुरक्षित कर ली गई है।

दुकानों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही मिलेगी खाद

जब किसान अपनी चुनी हुई दुकान या फर्टिलाइजर डीलर के पास पहुंचेगा, तो डीलर अपनी पीओएस (POS) मशीन से किसान के मोबाइल में मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। इसके तुरंत बाद आधार कार्ड आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दोहरे सत्यापन के सफल होते ही खाद का वितरण कर दिया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस पूरी पारदर्शी प्रक्रिया से यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी और अवैध स्टॉक रखने वाले बिचौलियों पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी।

तकनीकी चुनौतियां और बैकअप के विकल्प मौजूद

इस नई हाई-टेक व्यवस्था को लेकर धरातल पर कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी आ सकती हैं। रबी और खरीफ फसलों की बुवाई के पीक सीजन के दौरान जब लाखों किसान एक साथ ऐप का उपयोग करेंगे, तो सर्वर डाउन होने की आशंका बनी रहेगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्ग या कम पढ़े-लिखे किसानों को स्मार्टफोन ऐप चलाने में परेशानी आ सकती है। कड़ी मेहनत के कारण कई किसानों के उंगलियों के निशान घिस जाते हैं, जिससे बायोमेट्रिक मिसमैच की समस्या होती है। हालांकि, विभाग ने साफ किया है कि क्यूआर कोड या बायोमेट्रिक काम न करने पर किसान आईडी, आधार नंबर या एप्लिकेशन नंबर के जरिए भी मैन्युअल सत्यापन कर खाद दी जा सकेगी। Read More

Smartphone Launch June 2026: जून में मोटोरोला, वनप्लस और शाओमी समेत लॉन्च होंगे ये दमदार स्मार्टफोन

Upcoming Smartphones June 2026 : भारतीय स्मार्टफोन बाजार के लिए जून 2026 का यह महीना बेहद हलचल भरा रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर देश के तमाम बड़े शहरों के गैजेट्स शौकीनों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है क्योंकि करीब आधा दर्जन से ज्यादा मोबाइल ब्रांड्स अपने नए और अपग्रेड मॉडल्स बाजार में उतार रहे हैं। मोटोरोला, शाओमी, वनप्लस, वीवो और रेडमी जैसी कंपनियों ने भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को देखते हुए कमर कस ली है। इस बार कंपनियों का मुख्य फोकस स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ को दोगुना करने और गेमिंग परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर है, जिसका सीधा फायदा मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने वाले आम उपभोक्ताओं को मिलेगा।

4 जून को मोटोरोला और शाओमी के बीच होगी सीधी टक्कर



महीने की शुरुआत ही दो बड़े स्मार्टफोन की लॉन्चिंग के साथ होने जा रही है। मोटोरोला ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि वह 4 जून को भारत में अपना नया मोटोरोला एज 70 प्रो+ लॉन्च करेगा, जो फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इस फोन में 3.5x ऑप्टिकल जूम वाला 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। इसी दिन शाओमी भी अपनी लोकप्रिय टी-सीरीज की भारत में वापसी कराते हुए शाओमी 17टी (Xiaomi 17T) पेश कर सकता है, जिसमें लाइका (Leica) ट्यून कैमरा, 144 हर्ट्ज एमोलेड डिस्प्ले और 6500mAh की भारी-भरकम बैटरी दी जाएगी। Read More

Panchak June 2026: जून में इस दिन से शुरू हो रहा है बेहद खतरनाक 'मृत्यु पंचक', भूलकर भी न करें ये 5 काम

सनातन धर्म और ज्योतिषीय परंपराओं में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए जून महीने का पहला हफ्ता बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आगामी 6 जून 2026, शनिवार को शाम 7 बजकर 03 मिनट से पंचक काल की शुरुआत होने जा रही है। यह पंचक काल अगले पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा और 11 जून, गुरुवार को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा। शनिवार के दिन से प्रारंभ होने की वजह से इसे ज्योतिषीय भाषा में 'मृत्यु पंचक' का नाम दिया गया है, जिसे सभी पंचकों में सबसे अधिक संवेदनशील और सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है।

जानिए कैसे बनता है पंचक का यह विशेष योग



आकाशीय मंडल और ग्रहों की चाल के आधार पर जब चंद्रमा कुंभ राशि के अंतिम दो नक्षत्रों और मीन राशि के तीन नक्षत्रों में गोचर करता है, तो उस समय अवधि को पंचक कहा जाता है। इसमें धनिष्ठा का उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती समेत कुल पांच नक्षत्र शामिल होते हैं। दिनों के हिसाब से इनका नाम और प्रभाव बदल जाता है। जैसे सोमवार या बुधवार को राज पंचक, मंगलवार या गुरुवार को अग्नि पंचक, शुक्रवार को चोर पंचक, रविवार को रोग पंचक और शनिवार को सबसे घातक माना जाने वाला मृत्यु पंचक लगता है। Read More

Vehicle Purchase Muhurat: जून में नई गाड़ी खरीदने से पहले नोट कर लें ये 4 तारीखें, देखें जून महीने के सभी शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नई गाड़ी, बाइक या व्यापारिक वाहन की खरीदारी हमेशा शुभ मुहूर्त देखकर ही की जाती है ताकि सफर सुरक्षित और मंगलकारी रहे। जून 2026 की शुरुआत इस बार बड़े बदलाव के साथ हो रही है क्योंकि महीने के पहले 15 दिनों में अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास लग रहा है। इस विशेष अवधि में सनातन परंपरा के अनुसार किसी भी प्रकार के नए मांगलिक कार्यों, गृह प्रवेश या वाहन खरीदने पर रोक रहती है। यही वजह है कि जून के शुरुआती दो हफ्तों में ऑटोमोबाइल शोरूम पर सन्नाटा देखने को मिल सकता है।

इन चार तारीखों को मिलेंगे सबसे शुभ मुहूर्त



अधिकमास की समाप्ति के बाद जून महीने के उत्तरार्ध में कुल चार दिन ऐसे आ रहे हैं जब आप अपनी पसंदीदा गाड़ी घर ला सकते हैं। सबसे पहला मुहूर्त 17 जून 2026 (बुधवार) को सुबह 05:23 बजे से रात 09:38 बजे तक रहेगा, जिसमें पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इसके बाद 22 जून (सोमवार) को सुबह 10:22 बजे से दोपहर 03:39 बजे तक हस्त नक्षत्र में खरीदारी की जा सकेगी। 24 जून (बुधवार) को महीने का सबसे लंबा मुहूर्त सुबह 05:25 बजे से अगले दिन 25 जून की सुबह 05:25 बजे तक रहेगा, जिसमें चित्रा और स्वाती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आखिरी मुहूर्त 25 जून (गुरुवार) को सुबह 05:25 बजे से शाम 04:29 बजे तक स्वाती नक्षत्र के साथ उपलब्ध रहेगा। Read More