गुरुवार, 15 जनवरी 2026

पीएम किसान सम्मान निधि: नवंबर के बाद अब कब आएगी अगली किस्त, जानिए तारीख और समय का पूरा गणित

 केंद्र सरकार ने अब तक इस योजना के तहत 21 किस्तों का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया है। आपको याद होगा कि 21वीं किस्त का पैसा नवंबर 2025 में जारी किया गया था। सरकार के नियमों के मुताबिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि हर चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती है। इस हिसाब से देखें तो नवंबर के बाद चार महीने का समय फरवरी या मार्च में पूरा हो रहा है।

बजट और किस्त का क्या है कनेक्शन



फरवरी 2026 में केंद्र सरकार अपना बजट पेश करने वाली है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि सरकार बजट सत्र के दौरान या उसके तुरंत बाद किसानों को खुश करने के लिए 22वीं किस्त जारी कर सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है लेकिन पुराने पैटर्न को देखें तो फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। यानी बजट घोषणाओं के बाद ही राशि आने की उम्मीद ज्यादा है।

मिलेंगे पूरे 2000 रुपये

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है। 22वीं किस्त में भी किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये सीधे डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजे जाएंगे। इससे किसानों को खाद और बीज खरीदने में बड़ी मदद मिलेगी। Read More

चंडीगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक खेल, 38 लाख की ठगी का ऐसे हुआ पर्दाफाश, चीन से जुड़े तार

 

चंडीगढ़ में साइबर अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक दंपती को घर बैठे-बैठे 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया गया और डर दिखाकर उनसे 38 लाख रुपये ठग लिए गए। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस ठगी के तार चीन से जुड़े हुए थे और पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था।

क्या होता है डिजिटल अरेस्ट



इस मामले को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि डिजिटल अरेस्ट आखिर है क्या। दरअसल यह एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का तरीका है। इसमें ठग खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ित को डराते हैं कि उनका नाम किसी बड़े अपराध में आया है और उन्हें कैमरे के सामने ही रहना होगा। पीड़ित डर के मारे न फोन काट पाता है और न ही किसी से मदद मांग पाता है। चंडीगढ़ वाले मामले में भी यही हुआ। Read More

शिमला मनाली से भी ठंडे हुए हरियाणा पंजाब के शहर, बठिंडा और नारनौल में कंपकंपी छूटी

 उत्तर भारत में सर्दी का सितम अपने चरम पर है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार का दिन हरियाणा और पंजाब के लोगों के लिए इस सीजन का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। हालात यह हैं कि हरियाणा के हिसार में तापमान जमाव बिंदु के बिल्कुल करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार हिसार में न्यूनतम तापमान गिरकर 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 6 डिग्री कम है। इस कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

हिसार में जमने वाले हैं हालात



हिसार में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को यहां न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस था जो गुरुवार को और गिरकर 0.2 डिग्री पर आ गया। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में पारा और नीचे जा सकता है। इतिहास पर नजर डालें तो हिसार में पहले भी तापमान शून्य से नीचे जा चुका है। 17 जनवरी 2023 को यहां का तापमान माइनस 1.3 डिग्री और 1 जनवरी 2021 को माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बार भी हालात वैसे ही बनते नजर आ रहे हैं। Read More

हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, सरकार ने विभागों से मांगा खाली सीटों का ब्योरा

 हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी के कर्मचारियों की नियुक्ति और समायोजन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने सभी विभागों के अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां खाली पड़े ग्रुप डी के पदों का पूरा ब्योरा तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन अपलोड करें। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी इस आदेश के बाद उन कर्मचारियों में उम्मीद की किरण जगी है जो अपनी पोस्टिंग या एडजस्टमेंट का इंतजार कर रहे थे। सरकार का मकसद पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाना है।

एक सप्ताह के भीतर देना होगा जवाब



मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी किए गए पत्र में सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस समय सीमा के भीतर उन्हें हरियाणा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एचकेसीएल के रिक्विजिशन पोर्टल पर खाली पदों की जानकारी अपलोड करनी होगी। सरकार ने साफ किया है कि इस काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर युवाओं के रोजगार और प्रशासन के सुचारू कामकाज से जुड़ा है। Read More

बुधवार, 14 जनवरी 2026

अगेती खेती का यही है सही समय, भिंडी और टमाटर की नर्सरी से होगी बंपर कमाई

 कड़ाके की ठंड का यह मौसम किसानों के लिए केवल रजाई में दुबकने का नहीं बल्कि आने वाले सीजन की तैयारी करने का है। जनवरी और फरवरी का महीना सब्जी उत्पादकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय 'अगेती खेती' यानी समय से पहले फसल तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त है। अगर किसान भाई अभी से सही रणनीति अपनाएं तो वे गर्मियों की शुरुआत में ही अपनी फसल बाजार में उतारकर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं।

ठंड में कौन सी फसलें लगाएंगी बेड़ा पार

प्रगतिशील किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो तरह की फसलों पर फोकस करना चाहिए। पहला वह सब्जियां जो ठंड में ही होती हैं जैसे पालक, मेथी, गाजर, मूली, मटर, गोभी और ब्रोकली। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण वह फसलें हैं जो गर्मियों में आती हैं लेकिन उनकी तैयारी अभी करनी होती है। इसमें भिंडी, लौकी, करेला, ककड़ी, टमाटर और बैंगन शामिल हैं। इनकी नर्सरी अभी तैयार करके फरवरी के अंत या मार्च में खेत में रोपाई की जा सकती है।

मिर्च की खेती के लिए एचएयू की खास सलाह



चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कुलपति प्रोफेसर बीआर काम्बोज ने मिर्च की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया कि बसंतकालीन मिर्च की फसल के लिए खेत की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। जनवरी महीने के अंत तक मिर्च की रोपाई करना सबसे सही रहता है।

कौन सी किस्मों का करें चयन

अच्छी पैदावार के लिए बीज का सही चुनाव बहुत जरूरी है। विश्वविद्यालय ने किसानों को निम्नलिखित किस्में प्रयोग करने की सलाह दी है:

  • सामान्य मिर्च: इसके लिए 'एनपी 46 ए' या 'पंत सी 1' किस्म सबसे बेहतर मानी गई है। एक एकड़ खेत के लिए लगभग 400 ग्राम बीज की जरूरत पड़ती है।

  • शिमला मिर्च: अगर आप शिमला मिर्च लगाना चाहते हैं तो 'कैलिफोर्निया वंडर' नामक किस्म का प्रयोग करें। इसके लिए भी प्रति एकड़ 400 ग्राम बीज पर्याप्त होगा। Read More

धुंध के बीच अच्छी खबर: सरसों में बढ़ेगी तेल की मात्रा, माहू कीट का प्रकोप होगा कम

 

हरियाणा में कोहरे की मार लेकिन किसानों के लिए बहार, गेहूं और सरसों की फसल को होगा बंपर फायदा

हरियाणा के मौसम में इन दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के यमुनानगर और आसपास के जिलों में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह के समय पूरा इलाका घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आता है। जहां एक तरफ यह कोहरा वाहन चालकों और आम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ यह अन्नदाताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह गिरता तापमान रबी की फसलों के लिए 'सोने पे सुहागा' साबित होगा।

सरसों की खेती के लिए अमृत है यह ठंड



मौजूदा मौसम को देखते हुए किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड सरसों की फसल के लिए बेहद लाभदायक है। Read More

  • तेल की मात्रा बढ़ेगी: इस समय पड़ रही ठंड से सरसों के दानों में तेल की प्रतिशत मात्रा में इजाफा होगा।

  • कीटों का खात्मा: ठंड बढ़ने से माहू (एफिड) जैसे हानिकारक कीड़ों का प्रकोप अपने आप कम हो जाता है जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च बचता है।

  • आदर्श तापमान: सरसों की बेहतरीन बढ़वार के लिए 10 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है और अभी मौसम बिल्कुल अनुकूल बना हुआ है।

हरियाणा में जनरल कैटेगरी के लिए बड़ी खुशखबरी, अब 8 लाख की कमाई पर भी मिलेगा आरक्षण

हरियाणा के लाखों सामान्य वर्ग के परिवारों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस (EWS) के तहत आरक्षण का लाभ लेने के लिए अब आय की सीमा को बढ़ा दिया गया है। राज्य सरकार ने पारिवारिक वार्षिक आय की लिमिट 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी है। इस फैसले के बाद अब वे परिवार भी 10 प्रतिशत आरक्षण के हकदार होंगे जिनकी सालाना कमाई 8 लाख रुपये तक है। मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

नौकरियों और पढ़ाई में मिलेगा सीधा फायदा



सरकार के इस फैसले का सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ने वाला है। अब तक केवल 6 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार ही ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट बनवा सकते थे। सीमा बढ़ने से अब मध्यम वर्गीय परिवार भी इस दायरे में आ जाएंगे। संशोधित नियम राज्य में सिविल पदों और सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती पर लागू होंगे। इसके साथ ही सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों में एडमिशन के दौरान भी बढ़ी हुई आय सीमा मान्य होगी। Read More