कड़ाके की ठंड का यह मौसम किसानों के लिए केवल रजाई में दुबकने का नहीं बल्कि आने वाले सीजन की तैयारी करने का है। जनवरी और फरवरी का महीना सब्जी उत्पादकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय 'अगेती खेती' यानी समय से पहले फसल तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त है। अगर किसान भाई अभी से सही रणनीति अपनाएं तो वे गर्मियों की शुरुआत में ही अपनी फसल बाजार में उतारकर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं।
ठंड में कौन सी फसलें लगाएंगी बेड़ा पार
प्रगतिशील किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो तरह की फसलों पर फोकस करना चाहिए। पहला वह सब्जियां जो ठंड में ही होती हैं जैसे पालक, मेथी, गाजर, मूली, मटर, गोभी और ब्रोकली। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण वह फसलें हैं जो गर्मियों में आती हैं लेकिन उनकी तैयारी अभी करनी होती है। इसमें भिंडी, लौकी, करेला, ककड़ी, टमाटर और बैंगन शामिल हैं। इनकी नर्सरी अभी तैयार करके फरवरी के अंत या मार्च में खेत में रोपाई की जा सकती है।
मिर्च की खेती के लिए एचएयू की खास सलाह
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कुलपति प्रोफेसर बीआर काम्बोज ने मिर्च की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया कि बसंतकालीन मिर्च की फसल के लिए खेत की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। जनवरी महीने के अंत तक मिर्च की रोपाई करना सबसे सही रहता है।
कौन सी किस्मों का करें चयन
अच्छी पैदावार के लिए बीज का सही चुनाव बहुत जरूरी है। विश्वविद्यालय ने किसानों को निम्नलिखित किस्में प्रयोग करने की सलाह दी है:
सामान्य मिर्च: इसके लिए 'एनपी 46 ए' या 'पंत सी 1' किस्म सबसे बेहतर मानी गई है। एक एकड़ खेत के लिए लगभग 400 ग्राम बीज की जरूरत पड़ती है।
शिमला मिर्च: अगर आप शिमला मिर्च लगाना चाहते हैं तो 'कैलिफोर्निया वंडर' नामक किस्म का प्रयोग करें। इसके लिए भी प्रति एकड़ 400 ग्राम बीज पर्याप्त होगा। Read More

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