हरियाणा में कोहरे की मार लेकिन किसानों के लिए बहार, गेहूं और सरसों की फसल को होगा बंपर फायदा
हरियाणा के मौसम में इन दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के यमुनानगर और आसपास के जिलों में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह के समय पूरा इलाका घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आता है। जहां एक तरफ यह कोहरा वाहन चालकों और आम लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ यह अन्नदाताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह गिरता तापमान रबी की फसलों के लिए 'सोने पे सुहागा' साबित होगा।
सरसों की खेती के लिए अमृत है यह ठंड
मौजूदा मौसम को देखते हुए किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड सरसों की फसल के लिए बेहद लाभदायक है। Read More
तेल की मात्रा बढ़ेगी: इस समय पड़ रही ठंड से सरसों के दानों में तेल की प्रतिशत मात्रा में इजाफा होगा।
कीटों का खात्मा: ठंड बढ़ने से माहू (एफिड) जैसे हानिकारक कीड़ों का प्रकोप अपने आप कम हो जाता है जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च बचता है।
आदर्श तापमान: सरसों की बेहतरीन बढ़वार के लिए 10 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है और अभी मौसम बिल्कुल अनुकूल बना हुआ है।

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