चंडीगढ़. सरकार ने किसानों के लिए एग्री स्टैक पोर्टल पर यूनिक आईडी बनाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बिना पीएम किसान, खाद सब्सिडी और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
हरियाणा समेत पूरे देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा और अहम फैसला लिया है। अगर आप भी खेती करते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ‘एग्री स्टैक’ (Agri Stack) व्यवस्था लागू कर दी है।
इसके तहत अब हर किसान का एक यूनिक डिजिटल पहचान पत्र यानी ‘किसान आईडी’ बनना अनिवार्य हो गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि भविष्य में इस आईडी के बिना किसी भी सरकारी योजना का पैसा नहीं मिलेगा।
क्या है एग्री स्टैक और किसान आईडी
आसान भाषा में समझें तो एग्री स्टैक कृषि क्षेत्र का एक डिजिटल डाटाबेस है। जिस तरह हर नागरिक के पास आधार कार्ड होता है उसी तरह अब हर किसान के पास अपनी एक अलग डिजिटल पहचान होगी। इस पोर्टल पर किसान की जमीन का पूरा ब्योरा, वह कौन सी फसल उगा रहा है, उसकी सालाना आय कितनी है और परिवार की जानकारी सब कुछ दर्ज होगा। इस डाटा के आधार पर एक यूनिक आईडी जनरेट होगी। सरकार का मकसद देश के सभी असली काश्तकारों को एक ही डिजिटल मंच पर लाना है।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उठाया कदम
सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि कई जगहों पर अपात्र लोग भी किसान बनकर योजनाओं का लाभ ले रहे थे।
दोहरा लाभ बंद होगा: कुछ किसान एक ही समय पर मुआवजे और भावांतर भरपाई जैसी योजनाओं का गलत तरीके से दोहरा लाभ उठा रहे थे। एग्री स्टैक आईडी बनने के बाद सिस्टम ऐसे लोगों को तुरंत पकड़ लेगा।

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