गुरुवार, 15 जनवरी 2026

चंडीगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक खेल, 38 लाख की ठगी का ऐसे हुआ पर्दाफाश, चीन से जुड़े तार

 

चंडीगढ़ में साइबर अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक दंपती को घर बैठे-बैठे 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया गया और डर दिखाकर उनसे 38 लाख रुपये ठग लिए गए। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस ठगी के तार चीन से जुड़े हुए थे और पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था।

क्या होता है डिजिटल अरेस्ट



इस मामले को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि डिजिटल अरेस्ट आखिर है क्या। दरअसल यह एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का तरीका है। इसमें ठग खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ित को डराते हैं कि उनका नाम किसी बड़े अपराध में आया है और उन्हें कैमरे के सामने ही रहना होगा। पीड़ित डर के मारे न फोन काट पाता है और न ही किसी से मदद मांग पाता है। चंडीगढ़ वाले मामले में भी यही हुआ। Read More

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