Dual OTP System kya hai : आजकल हर किसी के साथ किसी न किसी बहाने ऑनलाइन ठगी हो रही है। साथ में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी इनवेस्टमेंट स्कीम के जरिए आम लोगों के साथ साथ बुजुर्गों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए अब बैंक ने डूअल ओटीपी सिस्टम शुरू किया है।
अब इस नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी बड़े ट्रांजैक्शन के लिए दो अलग-अलग लोगों के पास OTP जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस नए सुरक्षा चक्र को लेकर आम जनता के लिए विशेष अलर्ट और एडवाइजरी जारी की है।
जम्मू कश्मीर पुलिस ने जून 2026 की इस बड़ी अपडेट में बुजुर्गों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बैंकों के 'डुअल OTP सिस्टम' (Dual OTP System) को सबसे बड़ा हथियार बताया है। लगातार बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए कई प्रमुख बैंकों ने अपने खाताधारकों, खासकर सीनियर सिटीजंस के लिए यह अतिरिक्त सुरक्षा लेयर अनिवार्य करनी शुरू कर दी है। इस सिस्टम के लागू होने से साइबर ठगों द्वारा डरा-धमकाकर पैसे ट्रांसफर कराने के धंधे पर पूरी तरह ताला लग जाएगा।
क्या है यह डुअल OTP सिस्टम ? यह कैसे काम करेगा?
ऑनलाइन बैंकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किया गया डुअल OTP सिस्टम वित्तीय लेनदेन के दौरान सुरक्षा का एक अभेद्य किला खड़ा करता है। इस नई व्यवस्था में किसी भी विशेष या बड़े ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए बैंक एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग वन-टाइम पासवर्ड (OTP) जारी करता है। इसमें पहला OTP हमेशा की तरह सीधे खाताधारक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर डिलीवर होता है। इसके तुरंत बाद, दूसरा OTP खाताधारक के बैंक अकाउंट से लिंक किए गए किसी भरोसेमंद परिवार के सदस्य, कानूनी वारिस या नॉमिनी के मोबाइल पर भेजा जाता है। जब तक नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप में ये दोनों अलग-अलग OTP दर्ज नहीं किए जाएंगे, तब तक बैंक खाते से एक रुपया भी ट्रांसफर नहीं हो सकेगा।
फर्जी पुलिस कॉल्स का खेल खत्म होगा
साइबर अपराधी अक्सर खुद को सीबीआई, कस्टम विभाग, पुलिस अधिकारी या रिजर्व बैंक का प्रतिनिधि बताकर बुजुर्गों में जेल जाने का डर पैदा कर देते हैं। ठग पीड़ितों को घंटों तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर यानी डिजिटल अरेस्ट करके जल्दबाजी में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं। इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य अपराधियों द्वारा बनाए जाने वाले इसी मानसिक दबाव को बेअसर करना है। अगर शातिर ठग डरा-धमकाकर या झांसा देकर खाताधारक से पहला OTP हासिल करने में कामयाब हो भी जाते हैं, तो भी वे दूसरा OTP पाए बिना चोरी नहीं कर पाएंगे। दूसरा OTP परिवार के किसी अन्य सदस्य के पास होने के कारण अपराधी का पूरा प्लान फेल हो जाएगा।
लोगों को मिलेगा रियल-टाइम अलर्ट
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल OTP तक सीमित नहीं है। अगर बुजुर्ग खाताधारक के अकाउंट से कोई असामान्य वित्तीय गतिविधि या आधी रात को कोई बड़ा ट्रांजैक्शन करने की कोशिश की जाती है, तो बैंक तुरंत परिवार के नामित सदस्य को इमरजेंसी अलर्ट भेज देता है। इस रियल-टाइम चेतावनी के मिलते ही परिवार के लोग तुरंत बीच में दखल दे सकते हैं और ठगी का शिकार हो रहे बुजुर्ग को समय रहते बचा सकते हैं।
जम्मू कश्मीर पुलिस ने जारी की ये गाइडलाइंस
नई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के साइबर विंग ने आम जनता से बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि लोग अपने घरों के बुजुर्ग सदस्यों के पास बैठें और उन्हें डिजिटल अरेस्ट जैसे नए दौर के फ्रॉड के बारे में लगातार जागरूक करें। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल के आने पर अपना बैंकिंग पासवर्ड, सीवीवी या कोई भी गोपनीय जानकारी कभी भी साझा न करें। इसके साथ ही पुलिस ने सभी बैंक ग्राहकों को तुरंत अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर यह पता करने की सलाह दी है कि उनके खाते पर डुअल OTP की सुरक्षा सुविधा उपलब्ध है या नहीं, ताकि इसे तुरंत चालू कराया जा सके।

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