महात्मा गांधी
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के उद्घाटन समारोह में जब गांधीजी को भाषण देने के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने कहा- 'एक देश तब तक आजाद नहीं हो सकता जब तक की उसमें रहने वाले लोग एक-दूसरे पर अटूट भरोसा नहीं करते। गांधीजी के इन शब्दों ने हर भारतीय के दिल को छुआ।
गौर करने वाली बात थी कि उस समय ब्रिटेन की रानी किसी शाही प्रयोजन के लिए भारत आई हुई थीं और गांधीजी के इन शब्दों ने उनकी आत्मा को भी झकजोर दिया। गांधी बरसों विदेश में रहने के बाद भारत लौटे थे और स्वतंत्रता आंदोलन में अहिंसा का अलख जगा रहे थे। उस समय गांधीजी ने पश्चिमी परिधानों को त्याग कर किसानों के साधारण वस्त्रों को अपना लिया था। हालांकि स्वतंत्रता की मुहिम केवल उच्च वर्ग के कुछ बुद्धिजीवी चला रहे थे, जो खुद विदेशी माहौल में पले-बढ़े थे। महात्मा के भाषणों ने भारतीय गरीब, अनपढ़ और मध्यम वर्ग के लोगों को जोड़ा, और देश आजाद हुआ।

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