बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को पूरे देश में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। अमूमन इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विजय के उपलक्ष्य में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के विशाल पुतलों का दहन किया जाता है।
हालांकि, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के बीच कई इलाके ऐसे भी हैं, जहां रावण दहन की परंपरा पूरी तरह वर्जित है। इन क्षेत्रों में रावण को शत्रु के बजाय पूर्वज, दामाद, आराध्य देव या भगवान शिव के अनन्य भक्त के रूप में देखा जाता है। Read More
