वैदिक ज्योतिष में नवरात्रि को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा और नवग्रहों को अनुकूल बनाने का सबसे शक्तिशाली काल माना जाता है। 11 अक्टूबर 2026 से आरंभ हो रही शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूप सीधे तौर पर नवग्रहों के अधिष्ठाता के रूप में फल प्रदान करेंगे।
जब कोई साधक विशेष तिथि पर संबंधित देवी और उनके ग्रह के अनुकूल वर्ण के वस्त्र धारण करता है, तो शरीर का आभा मंडल (ऑरा) मजबूत होता है। इससे कुंडली में कमजोर या नीच स्थिति में बैठे ग्रह भी शुभ फल देने लगते हैं और मानसिक तनाव, कलह व आर्थिक संकट से राहत मिलती है। Read More

