कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर माताओं द्वारा रखा जाने वाला अहोई अष्टमी का व्रत इस साल 1 नवंबर 2026, रविवार को रखा जाएगा। संतान की लंबी आयु, बेहतर स्वास्थ्य और जीवन में आने वाले संकटों को टालने के लिए महिलाएं पूरे दिन निर्जला या फलाहार रहकर यह कठिन साधना करती हैं।
इस बार पूजा के लिए केवल 1 घंटा 18 मिनट की सीमित अवधि मिल रही है, इसलिए महिलाओं को समय रहते पूरी तैयारी करनी होगी। Read More
