वैदिक ज्योतिष में सुख, वैभव, दांपत्य और सौंदर्य के कारक माने जाने वाले शुक्रदेव 6 नवंबर 2026 को भारतीय समयानुसार दोपहर लगभग 1:06 बजे तुला राशि से निकलकर कन्या राशि में वक्री गोचर करेंगे। कन्या राशि शुक्रदेव की नीच राशि मानी जाती है, इसलिए इस राशि में उनका वक्री होना प्रेम संबंधों, वित्तीय प्राथमिकताओं, विवाह और जीवनशैली पर सीधा असर डालेगा।
वक्री चाल के चलते पुराने विवाद, रुके हुए भुगतान और पुराने फैसले दोबारा समीक्षा के लिए सामने आएंगे। शुक्रदेव 14 नवंबर को मार्गी होंगे और इसके बाद 22 नवंबर 2026 को वापस स्वराशि तुला में प्रवेश कर जाएंगे। Read More

