रविवार, 31 मई 2026

5G Battery Drain: 5G चलाते ही तुरंत खत्म हो जाती है फोन की बैटरी? इन सेटिंग्स को अभी बदलें

 5G Battery Drain : भारत के कोने-कोने में 5G नेटवर्क पहुंच चुका है और लोग सुपरफास्ट डाउनलोडिंग से लेकर बिना बफरिंग के वीडियो स्ट्रीमिंग का मजा ले रहे हैं। लेकिन इस तेज रफ्तार इंटरनेट के साथ ही मोबाइल यूजर्स के सामने एक नई आफत आ गई है। देश के करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स इस बात से परेशान हैं कि 5G ऑन करते ही उनके फोन की बैटरी पहले के मुकाबले बहुत जल्दी दम तोड़ देती है। इस समस्या के पीछे कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि 5G नेटवर्क का काम करने का खास तरीका है जो सीधे आपके फोन के हार्डवेयर को प्रभावित करता है।

आखिर 5G नेटवर्क चालू करने पर ज्यादा बैटरी क्यों खर्च होती है?



तकनीकी रूप से समझें तो 5G नेटवर्क 4G के मुकाबले कई गुना ज्यादा स्पीड से डेटा ट्रांसफर करता है। इस सुपरफास्ट स्पीड को मेंटेन करने के लिए आपके स्मार्टफोन के प्रोसेसर और इंटरनल कंपोनेंट्स को लगातार हाई-परफॉर्मेंस मोड में काम करना पड़ता है। जब प्रोसेसर पर दबाव बढ़ता है, तो वह सीधे तौर पर बैटरी से ज्यादा पावर खींचता है। इसके साथ ही 5G नेटवर्क पर बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं और लगातार हैवी डेटा सिंक करते हैं, जिसके चलते स्क्रीन बंद होने पर भी बैटरी बैकअप तेजी से गिरता रहता है।

सफर के दौरान और इनडोर इलाकों में क्यों अचानक डाउन हो जाता है बैकअप?

अगर आप दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा या पंजाब के रूट पर सफर कर रहे हैं, तो आपने गौर किया होगा कि हाईवे पर बैटरी सबसे तेजी से खत्म होती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कई जगहों पर अभी भी 5G के टावर दूर-दूर हैं। ऐसे में आपका फोन मजबूत सिग्नल पकड़ने के लिए लगातार बैकग्राउंड में सर्चिंग करता है। जब फोन को स्टेबल 5G नेटवर्क नहीं मिलता, तो वह बार-बार 4G से 5G और 5G से 4G पर स्विच होता रहता है। कमजोर नेटवर्क कवरेज वाले इलाकों, बंद कमरों और इनडोर लोकेशंस पर यह नेटवर्क स्विचिंग फोन को बहुत ज्यादा गर्म कर देती है और बैटरी को पूरी तरह सुखा देती है।

मोबाइल का बैटरी बैकअप बढ़ाने के लिए तुरंत बदलें ये सेटिंग्स

इस समस्या से निपटने के लिए आपको अपने फोन के इस्तेमाल के तरीके और सेटिंग्स में थोड़े बदलाव करने होंगे। सबसे पहले अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर 'Adaptive Battery' फीचर को तुरंत एक्टिवेट कर दें। यह फीचर आपके फोन इस्तेमाल करने के पैटर्न को समझकर बैकग्राउंड ऐप्स की गैर-जरूरी एक्टिविटी को ब्लॉक कर देता है। इसके अलावा जब भी आप किसी ऐसे इलाके में हों जहां 5G के सिग्नल आ-जा रहे हों, तो समझदारी इसी में है कि आप सेटिंग्स में जाकर नेटवर्क मोड को मैन्युअली '4G Only' पर सेट कर दें। इससे फोन बार-बार सिग्नल नहीं खोजेगा और आपकी बैटरी लंबे समय तक चलेगी। सफर के दौरान मोबाइल डेटा का इस्तेमाल न होने पर उसे बंद रखना भी एक कारगर उपाय है।

New CDS of India: जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाला नए सीडीएस का कार्यभार, जानिए क्या है इनका प्लान

GK : सामान्य ज्ञान का सबसे कठिन सवाल, जानिए उस जीव का नाम जिसके शरीर में नहीं होता खून का एक भी कतरा

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New CDS of India: जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाला नए सीडीएस का कार्यभार, जानिए क्या है इनका प्लान

 New CDS General Subramani : चीन और पाकिस्तान के सैन्य मामलों के विशेषज्ञ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रविवार को भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जिन्होंने शनिवार को देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ दिया था। जनरल सुब्रमणि को भारतीय सेनाओं के महत्वाकांक्षी थिएटराइजेशन प्लान को लागू करने और जल, थल एवं नभ सेना के बीच तालमेल को मजबूत करने का सबसे बड़ा दायित्व सौंपा गया है।

थिएटराइजेशन और स्वदेशी हथियार प्रणालियों का एकीकरण शीर्ष प्राथमिकता



पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद जनरल सुब्रमणि ने देश की सुरक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों का रूपांतरण और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और एकीकरण को बढ़ाने के लिए संगठनात्मक सुधार उनका मुख्य फोकस रहेगा। उन्होंने देश के नागरिकों को आश्वस्त करते हुए साफ कहा कि सशस्त्र बल समर्पण, साहस, सम्मान और व्यावसायिकता के साथ राष्ट्र की सेवा जारी रखेंगे। उन्होंने सेना में स्वदेशी हथियारों के विकास और उनके एकीकरण की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया।

गढ़वाल राइफल्स से शुरू हुआ सफर

जनरल सुब्रमणि का सैन्य करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के स्नातक हैं, जिन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की आठवीं बटालियन में कमीशन मिला था। वह 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख रहे और इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में देश को अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से एमए और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एमफिल किया है।

आतंकवाद विरोधी अभियानों और स्ट्राइक कोर की कमान का लंबा अनुभव

अपने 40 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में जनरल सुब्रमणि ने देश के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों का नेतृत्व किया है। उन्होंने असम में आतंकवाद विरोधी 'ऑपरेशन राइनो' के तहत 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली, जबकि जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की एक प्रमुख स्ट्राइक कोर सहित दो सैन्य कोरों की कमान संभालकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में विशिष्ट योगदान दिया।

परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित हैं नए सीडीएस जनरल सुब्रमणि

सैन्य अभियानों के साथ-साथ जनरल सुब्रमणि ने कजाकिस्तान में रक्षा अटैची और उत्तरी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ जैसे कई महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया है। उनकी इन बेदाग और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा जा चुका है। अब सीडीएस के रूप में उनके सामने भारतीय सेना को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करने और एकीकृत सैन्य कमान संरचना को धरातल पर उतारने की बड़ी चुनौती है। #NewCDS #GeneralNSRajaSubramani #IndianArmedForces #ChiefOfDefenceStaff

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Google Fine News: गूगल पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन, 30 लाख का जुर्माना, बदलेगा विज्ञापन का तरीका

 Google Trademark Case Delhi High Court : गूगल के एकाधिकार और विज्ञापन बाजार में मनमानी पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मशहूर सैनिटरीवेयर ब्रांड हिंडवेयर के ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल होने के मामले में गूगल पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कानूनी लड़ाई साल 2013 से चल रही थी, जब हिंडवेयर ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों और गूगल के खिलाफ मोर्चा खोला था। अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला भारत के पूरे डिजिटल विज्ञापन उद्योग की दिशा और दशा को बदलने जा रहा है।

क्या है कीवर्ड विज्ञापन का पूरा विवाद और कैसे आम यूजर को गुमराह करता था गूगल



यह पूरा मामला कीवर्ड एडवरटाइजिंग की आड़ में चल रहे ब्रांड वैल्यू के अवैध इस्तेमाल से जुड़ा हुआ है। साल 2013 में हिंडवेयर ने पाया कि उसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां 'सेरा' और 'ग्रोहे इंडिया' ने गूगल एड्स के माध्यम से "Hindware" शब्द को कीवर्ड के रूप में खरीद लिया था। इसके कारण जब भी कोई आम उपभोक्ता गूगल सर्च इंजन पर जाकर हिंडवेयर ब्रांड के प्रोडक्ट ढूंढता था, तो उसे स्क्रीन पर सबसे ऊपर इन दूसरी कंपनियों के विज्ञापन दिखाई देते थे। हिंडवेयर का सीधा आरोप था कि उनकी अनुमति के बिना उनके पंजीकृत और स्थापित ट्रेडमार्क का व्यावसायिक इस्तेमाल करके ग्राहकों को भटकाया जा रहा है।

बाद में हिंडवेयर का अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों के साथ तो समझौता हो गया, लेकिन गूगल इंडिया और गूगल एलएलसी के खिलाफ यह अदालती जंग जारी रही। गूगल ने कोर्ट में दलील दी थी कि कीवर्ड सिर्फ बैकएंड सिस्टम का हिस्सा होते हैं, जिन्हें यूजर सीधे नहीं देख पाते। गूगल का कहना था कि वह सिर्फ कीवर्ड बिडिंग की सुविधा देता है, जो पूरी तरह वैध है। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने टेक दिग्गज की इन सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया।

कोर्ट ने गूगल के विज्ञापन मॉडल को बताया 'फ्री-राइडिंग', लगाया प्रतिबंध

दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंडवेयर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए गूगल को "Hindware" और उससे जुड़े अन्य सभी शब्दों को विज्ञापन कीवर्ड के रूप में नीलाम करने से तुरंत रोक दिया है। अदालत ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि गूगल दूसरों की बरसों की मेहनत से बनी ब्रांड छवि और प्रतिष्ठा का गलत तरीके से व्यावसायिक लाभ उठा रहा था। कोर्ट ने इसे 'फ्री-राइडिंग' का नाम दिया, जहां गूगल किसी दूसरे के ट्रेडमार्क को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को बेचकर खुद मोटी कमाई कर रहा था, जबकि उस ब्रांड पर गूगल का कोई मालिकाना हक नहीं है।

भारतीय टेक दिग्गजों ने किया फैसले का स्वागत

दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद भारतीय कॉरपोरेट जगत और टेक इंडस्ट्री के बड़े दिग्गजों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने जेरोधा के सीईओ नितिन कामथ के एक सोशल मीडिया पोस्ट का खुलकर समर्थन किया है।

श्रीधर वेम्बू ने एक्स पर लिखा कि गूगल जो कर रहा था, वह पूरी तरह से अनैतिक था और भारत में इसे अवैध ठहराया जाना एक बेहतरीन कदम है। उन्होंने साफ कहा कि इन संदिग्ध कारोबारी तौर-तरीकों के लिए गूगल को जवाबदेह बनाना ही होगा।

जेरोधा के सीईओ नितिन कामथ ने भी इस फैसले की सराहना करते हुए अपना दर्द साझा किया। नितिन कामथ ने बताया कि एक दशक से भी ज्यादा समय से उनकी कंपनी इस समस्या से जूझ रही है। अगर आज भी कोई इंटरनेट पर 'Zerodha' सर्च करता है, तो शुरुआती सर्च रिजल्ट में प्रतिस्पर्धी कंपनियों के विज्ञापन दिखाई देते हैं। कामथ के मुताबिक इस खेल की वजह से जेरोधा को भारी बिजनेस का नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि असली ग्राहक भटककर दूसरी वेबसाइटों पर चले जाते हैं। शार्क टैंक इंडिया के जज और शादी डॉट कॉम (Shaadi.com) के संस्थापक अनुपम मित्तल ने भी इसे भारतीय कॉरपोरेट जगत की इस हफ्ते की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी खबर बताया है। मित्तल का मानना है कि इस फैसले से भारत में डिजिटल विज्ञापन के पूरे अर्थशास्त्र में बहुत बड़ा बदलाव आएगा।

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June Horoscope 2026: वृषभ और कन्या राशि वालों को छप्परफाड़ धन लाभ, मकर-धनु राशि वाले रहें सावधान

 Monthly Horoscope June 2026 : जून 2026 का महीना अंतरिक्ष में होने वाली बड़ी हलचलों के कारण बेहद खास होने वाला है। महीने की शुरुआत में चंद्रमा वृश्चिक में, केतु सिंह में, राहु कुंभ में, शनि मीन में, मंगल मेष में तथा बुध-शुक्र मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। इस खगोलीय स्थिति के बीच महीने भर ग्रहों का राशि परिवर्तन चलता रहेगा। इस महाबदलाव का सीधा असर आम आदमी की जेब, रोजगार, पारिवारिक जीवन और सेहत पर पड़ने जा रहा है।



ग्रहों के राजा सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 2 जून को देवगुरु बृहस्पति और 22 जून को बुध देव कर्क राशि में कदम रखेंगे। इसके अलावा 8 जून को शुक्र का कर्क में और 21 जून को मंगल का वृषभ राशि में गोचर होगा। ग्रहों के इस खेल से कुछ राशियों के बंद किस्मत के ताले खुलेंगे, तो कुछ राशियों को संभलकर कदम आगे बढ़ाने होंगे।

मेष से कर्क राशि

मेष राशि वालों के लिए जून का महीना कड़ी मेहनत और बड़ी उपलब्धियों वाला रहेगा। 2 जून को गुरु के चतुर्थ भाव में आने से पारिवारिक सुख बढ़ेगा और 15 जून के बाद सूर्य आपके साहस में वृद्धि करेंगे। 21 जून के बाद किसी नए बिजनेस की डील फाइनल हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर में नया पद मिल सकता है। उपाय के तौर पर भगवान शिव की पूजा करें और पिता का आशीर्वाद लें। शुभ रंग लाल-पीला है और भाग्य 55% साथ देगा।

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह महीना आर्थिक रूप से छप्परफाड़ सफलता लेकर आ रहा है। 15 जून के बाद धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे और आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होगी। मीडिया, आईटी और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को इस अवधि में बंपर लाभ मिलेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के योग बनेंगे। उपाय के लिए श्री सूक्त का पाठ करें। शुभ रंग हरा और सफेद है, जबकि भाग्य प्रतिशत 80% रहेगा।

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय आत्मविश्वास और बैंक बैलेंस बढ़ाने वाला साबित होगा। 2 जून को गुरु का दूसरे भाव में जाना धन की आवक बढ़ाएगा और 15 जून को सूर्य आपकी ही राशि में आकर मान-सम्मान दिलाएंगे। लव लाइफ बढ़िया रहेगी और संतान पक्ष से खुशखबरी मिलेगी। हालांकि 21 जून के बाद खान-पान पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। हनुमान चालीसा का पाठ करें। शुभ रंग सफेद-नीला और भाग्य 65% रहेगा।

कर्क राशि के जातकों के लिए यह महीना ऐतिहासिक रहेगा क्योंकि 2 जून से गुरु आपकी ही राशि में आ रहे हैं। इससे आपके व्यक्तित्व और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त सुधार होगा। 21 जून के बाद नौकरी को लेकर कोई बड़ा और शुभ समाचार मिल सकता है। बीपी और शुगर के मरीजों को इस महीने अपनी सेहत के प्रति लापरवाही से बचना होगा। बुधवार को बहते जल में नारियल प्रवाहित करें। शुभ रंग पीला-सफेद है और भाग्य 70% रहेगा।

सिंह से वृश्चिक राशि

सिंह राशि वालों के लिए जून का महीना मिले-जुले परिणाम देने वाला है। 15 जून के बाद सूर्य के एकादश भाव में आने से आय के नए स्रोत बनेंगे, लेकिन गुरु के बारहवें भाव में रहने से खर्चों में भी भारी बढ़ोतरी होगी। बिजनेस में नई योजनाएं सफल रहेंगी। 21 जून के बाद प्रेम संबंधों में कुछ तनाव आ सकता है, इसलिए वाणी पर संयम रखें। प्रतिदिन आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें। शुभ रंग लाल-सफेद और भाग्य 65% रहेगा।

कन्या राशि के लोगों के लिए जून का महीना लाभ और बड़ी सफलताएं लेकर आ रहा है। गुरु का एकादश भाव में गोचर आपकी हर मनोकामना पूरी करेगा और अटके हुए काम पूरे होंगे। 15 जून के बाद सूर्य देव आपके करियर और नौकरी में बड़ी पदोन्नति का योग बनाएंगे। छात्रों को परीक्षाओं में बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। उपाय के तौर पर हनुमान जी की पूजा करें। शुभ रंग हरा-नीला है, जबकि भाग्य 70% साथ देगा।

तुला राशि के जातकों को व्यापार और आर्थिक मामलों में इस महीने भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। 15 जून के बाद सूर्य का नवम भाव में जाना आपके रुके हुए कामों को गति देगा। फिल्म, मीडिया और लेखन से जुड़े लोगों को कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलेगी। सांस के मरीजों को बदलते मौसम में अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा। श्री सूक्त का पाठ करना लाभकारी रहेगा। शुभ रंग हरा और भाग्य 55% है।

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए जून का महीना भाग्योदय करने वाला साबित होगा। गुरु का नवम भाव में जाना आपके करियर और व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। राजनीति और प्रशासन से जुड़े लोगों को समाज में बड़ा पद और प्रतिष्ठा मिल सकती है। बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर के लोगों को टारगेट पूरा करने में सफलता मिलेगी। आय के नए स्रोत सामने आएंगे। बजरंग बाण का पाठ करें। शुभ रंग पीला-नारंगी और भाग्य 70% रहेगा।

धनु से मीन राशि

धनु राशि के जातकों को जून के महीने में बहुत धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा क्योंकि गुरु अष्टम भाव में गोचर करेंगे। प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। महीने के पहले हफ्ते में छात्र अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। 15 जून के बाद सूर्य के सप्तम भाव में आने से जीवनसाथी की सेहत बिगड़ सकती है। भगवान विष्णु की उपासना करें और बहते जल में दूध प्रवाहित करें। शुभ रंग आसमानी और भाग्य 65% रहेगा।

मकर राशि के लोगों को इस महीने योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। शनि देव आपके तीसरे भाव में रहकर आपसे कड़ी मेहनत करवाएंगे। 2 जून के बाद गुरु का सप्तम भाव में आना पार्टनरशिप के बिजनेस में बड़ा मुनाफा देगा। एक समय में एक ही काम पर फोकस करें। 22 जून के बाद प्रेम जीवन में खुशियां दस्तक देंगी। नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। शुभ रंग नीला-हरा और भाग्य 60% रहेगा।

कुंभ राशि के जातकों के लिए जून का महीना करियर और राजनीति में बड़ी छलांग लगाने का है। गुरु का चतुर्थ भाव में होना पारिवारिक सुख और मानसिक शांति प्रदान करेगा। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता मिलने के आसार हैं। 25 जून के बाद अचानक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलें। शनिवार को गरीबों को अन्न का दान करें। शुभ रंग हरा है और भाग्य 65% साथ देगा।

मीन राशि के लोगों के लिए यह महीना पढ़ाई, करियर और धन के मामले में सर्वोत्तम रहने वाला है। गुरु का पंचम भाव में जाना छात्रों के लिए वरदान साबित होगा और परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। 15 जून के बाद सूर्य के प्रभाव से पैतृक संपत्ति या जमीन-जायदाद से बड़ा लाभ मिल सकता है। नौकरी में आपकी कार्यशैली की तारीफ होगी और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। सुंदरकांड का पाठ करें। शुभ रंग पीला-सफेद है और भाग्य 70% रहेगा।

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यह सामग्री ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सामान्य सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। Haryana News Post इस जानकारी की पूर्णता, सटीकता या विश्वसनीयता के संबंध में कोई दावा नहीं करता है और न ही किसी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार करता है। इस आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए पाठक स्वयं उत्तरदायी होंगे।

शनिवार, 30 मई 2026

Haryana Mausam: गर्मी गायब, अंबाला से फरीदाबाद तक 32 डिग्री पहुंचा तापमान, जानें कब तक रहेगी राहत

 Haryana Weather Update : हरियाणा में पिछले दो-तीन दिनों से मौसम लगातार करवट ले रहा है। चमचमाती और तीखी धूप के बाद अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज धूलभरी हवाएं चल रही हैं। जींद, अंबाला, कुरुक्षेत्र और पंचकूला समेत कई जिलों में हुई हल्की से मध्यम बूंदाबांदी ने लोगों को झुलसाने वाली जेठ की गर्मी से बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में आंधी, तूफान और आसमानी बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है।

सामान्य से 8.6 डिग्री नीचे गिरा पारा, अंबाला-रोहतक में बढ़ी ठंडक

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा बारिश और आंधी के बाद हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीधी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव के कारण दिन का तापमान सामान्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। अंबाला, रोहतक, हिसार और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में दिन का पारा 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट गया है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म लू अब ठंडी हवाओं में बदल चुकी है, जिससे आम जनता ने चैन की सांस ली है।

तेज आंधी से कई जिलों में बत्ती गुल, बुनियादी ढांचे को नुकसान

मौसम का यह बदला रूप अपने साथ परेशानी भी लेकर आया है। कल पंचकूला, फतेहाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, हांसी, जींद, सोनीपत, सिरसा और फरीदाबाद में आई तेज धूलभरी आंधी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गए और घरों के टिन शेड हवा में उड़ गए। खंभे गिरने और तार टूटने से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जिसे ठीक करने में बिजली निगम की टीमें जुटी हुई हैं।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: जून के पहले सप्ताह तक ऐसा ही रहेगा मिजाज

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से राज्य में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां अगले दो दिनों तक जारी रहेंगी। डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, लगातार एक के बाद एक आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण जून के पहले सप्ताह तक मौसम का मिजाज ऐसा ही परिवर्तनशील बना रहेगा। हालांकि, राज्य में मानसून के आधिकारिक प्रवेश के लिए अभी लोगों को करीब एक महीने का इंतजार करना होगा। #HaryanaWeather #HaryanaNews #MausamUpdate

Haryana Weather Update: हरियाणा के इन 5 जिलों में तूफान का रेड अलर्ट, 80 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Haryana Weather Update Today: नौतपा के बीच छूटे पसीने, मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, इस तारीख से मिलेगी राहत

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GK : सामान्य ज्ञान का सबसे कठिन सवाल, जानिए उस जीव का नाम जिसके शरीर में नहीं होता खून का एक भी कतरा

प्रकृति ने पृथ्वी पर जीवन का ऐसा ताना-बाना बुना है जिसमें कई रहस्य छिपे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया में लगभग 87 लाख यानी 8.7 मिलियन जीवों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इन सभी जीव-जंतुओं की शारीरिक संरचना और जीवन-प्रणाली एक-दूसरे से पूरी तरह जुदा है। आमतौर पर माना जाता है कि हर जीवित प्राणी को जिंदा रहने के लिए खून और दिल की जरूरत होती है। मगर महासागरों की गहराइयों में एक ऐसा भी जीव तैर रहा है जिसके पूरे शरीर में खून का एक कतरा तक नहीं बहता है।



अक्सर एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के सामान्य ज्ञान (GK) सेक्शन में ऐसे पेचीदा सवाल पूछ लिए जाते हैं। अपनी तैयारी को पुख्ता रखने वाले छात्र भी कई बार इसका सटीक जवाब नहीं दे पाते हैं। हम यहां जिस बिना खून वाले जीव की बात कर रहे हैं, उसका नाम जेलीफिश है। जेलीफिश को पृथ्वी के सबसे प्राचीन जीवों की श्रेणी में गिना जाता है। जब धरती पर डायनासोर का वजूद भी नहीं था, उससे करोड़ों साल पहले से यह जीव महासागरों के इकोसिस्टम का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। Read More

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

Ajab Gajab: सूअर को ड्रोन से उड़ाना किसान को पड़ा भारी, 10 घंटे गुल रही गांव की बिजली

 Ajab Gajab: चीन के सिचुआन प्रांत से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने आधुनिक तकनीक और इंसानी जुगाड़ के बीच की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। टोंगजियांग काउंटी के एक पहाड़ी गांव में एक किसान ने अपने सूअर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए ड्रोन (Drone) का सहारा लिया। लेकिन यह प्रयोग उस समय एक बड़ी मुसीबत बन गया जब हवा में उड़ता हुआ सूअर बिजली की हाई वोल्टेज लाइनों में फंस गया।

इस अजीबोगरीब हादसे की वजह से न केवल वह बेजुान जानवर घंटों तक हवा में लटका रहा बल्कि पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई। स्थानीय प्रशासन को स्थिति सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मुश्किल रास्तों का निकाला ‘खतरनाक’ तोड़

सिचुआन प्रांत का यह इलाका अपनी दुर्गम पहाड़ियों और उबड़-खाबड़ रास्तों के लिए जाना जाता है। यहाँ वाहनों के जरिए पशुओं को ले जाना बेहद खर्चीला और थका देने वाला काम है। इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए एक किसान ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने की सोची।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार किसान ने भारी वजन उठाने वाले एक शक्तिशाली ड्रोन में मजबूत रस्सी बांधी और उसके दूसरे सिरे पर सूअर को लटका दिया। उसका इरादा सूअर को पहाड़ के ऊपर से सीधे नीचे स्थित बूचड़खाने तक पहुँचाने का था। शुरुआत में उड़ान सफल रही लेकिन बीच रास्ते में तेज हवा या तकनीकी संतुलन बिगड़ने की वजह से रस्सी सीधे बिजली के खंभों के तारों में जा उलझी।