हरियाणा की अनाज मंडियों में अपनी खून-पसीने की उपज बेचने पहुंचे किसानों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद, कैथल और यमुनानगर समेत पूरे प्रदेश की मंडियों में बारिश, सुस्त खरीद और उठान की भारी लेटलतीफी ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
रविवार और गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते मंडियों में खुले आसमान तले रखी लाखों बोरियां भीग गईं। कुरुक्षेत्र के पिहोवा में बारिश के पानी के साथ धान बह गया। खरीद में देरी के कारण नमी बढ़ने से किसानों को फसल का उचित भाव न मिलने और उपज रिजेक्ट होने का डर सता रहा है। Read More

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