सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

12 से 29 अक्टूबर तक अस्त रहेंगे शुक्रदेव: जानिए विवाह पर रोक का समय और 5 राशियों के लिए जरूरी उपाय

वैदिक ज्योतिष में दैत्यगुरु शुक्रदेव को दांपत्य सुख, प्रेम संबंध, विलासिता, ऐश्वर्य और धन का मुख्य कारक ग्रह माना गया है। 12 अक्टूबर 2026 को शाम 6 बजकर 19 मिनट पर शुक्र तारा अपनी ही स्वराशि तुला में अस्त होने जा रहा है। इसके बाद 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को सुबह 6 बजे शुक्र का पुनः उदय होगा।


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कुल 17 दिनों तक चलने वाले इस अस्त काल में शुक्रदेव की ऊर्जा में कमी मानी जाती है। सनातन परंपरा और पंचांग गणना के अनुसार जब शुक्र या गुरु तारा अस्त होता है, तब विवाह, मुंडन, सगाई और गृह प्रवेश जैसे बड़े मांगलिक कार्यों को करने से पूरी तरह परहेज किया जाता है। आम लोगों के जीवन में यह अवधि वित्तीय अनुशासन और रिश्तों में परिपक्वता दिखाने की परीक्षा बनेगी। Read More

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