सर्दियों के आगाज के साथ ही खेतों में पारंपरिक रबी फसलों की तैयारी तेज हो गई है। कृषि विशेषज्ञों का स्पष्ट आकलन है कि गेहूं और गन्ने जैसी पारंपरिक फसलों के मुकाबले औषधीय पौधों (मेडिसिनल प्लांट्स) की खेती किसानों की आय को कई गुना बढ़ा सकती है। मझौलिया प्रखंड सहित देश के कई इलाकों में किसान शतावर, मेंथा, अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, एलोवेरा और सर्पगंधा उगाकर अपनी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल रहे हैं।
मझौलिया प्रखंड निवासी प्रगतिशील किसान रमाशंकर पिछले एक दशक से लगातार शतावर की खेती कर रहे हैं। रमाशंकर बताते हैं कि इससे होने वाली कमाई पारंपरिक फसलों की तुलना में बहुत अधिक है। न्यूट्रिशनल फूड और आयुर्वेदिक दवाओं में बड़े पैमाने पर उपयोग होने के कारण खुले बाजार में इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है। Read More

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