विजयादशमी का पर्व केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से यह एक अत्यंत दुर्लभ और सिद्ध कालखंड माना जाता है।
आश्विन शुक्ल दशमी के दिन ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति बनती है, जिसे शास्त्रों में 'अबूझ मुहूर्त' या किसी भी नए कार्य के शुभारंभ के लिए सर्वश्रेष्ठ समय कहा गया है। इस दिन शमी वृक्ष की विशेष पूजा-अर्चना का विधान नवग्रहों, विशेष रूप से कर्मफलदाता शनिदेव की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए किया जाता है। Read More

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