शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

नवरात्रि विसर्जन 2026: कलश का नारियल और सिक्का तिजोरी में रखने से कैसे दूर होती है दरिद्रता

नवरात्रि में घट स्थापना ब्रह्मांडीय ऊर्जा और नवग्रहों के आह्वान का प्रमुख अनुष्ठान है। विसर्जन के दिन कलश के जल, नारियल, सिक्के और ज्वारे का सही ज्योतिषीय उपयोग जन्मकुंडली के कई गंभीर दोषों को शांत कर देता है। सही नियमों का पालन करने से पूरे वर्ष घर में सकारात्मकता और समृद्धि का प्रवाह बना रहता है।


ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार स्थापित कलश नवग्रहों का साक्षात प्रतिनिधित्व करता है। विसर्जन के पावन अवसर पर मां दुर्गा के साथ जया, विजया, शमी और अपराजिता की विशेष पूजा का विधान है।

शमी पूजन सीधे तौर पर शनि देव के अनिष्ट प्रभावों को समाप्त करता है। वहीं अपराजिता पूजन से जातक को शत्रु बाधा से मुक्ति और जीवन के हर क्षेत्र में विजय का वरदान मिलता है। Read More

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