सीमित भूमि और घटते जल संसाधनों के बीच किसान अब कम जगह में भारी पैदावार देने वाली नकदी फसलों का रुख कर रहे हैं। इस कड़ी में मशरूम उत्पादन एक ऐसा कृषि व्यवसाय बनकर उभरा है, जिसे बंद कमरों या झोपड़ियों में बिना उपजाऊ जमीन के भी शुरू किया जा सकता है। बाजार में मशरूम की नियमित खपत और बेहतरीन कीमतों के चलते नए और छोटे किसानों को सीधी आर्थिक मजबूती मिल रही है।
विशेषज्ञों और कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ढिंगरी, बटन और दूधिया मशरूम की किस्में जलवायु और लागत के हिसाब से सबसे ज्यादा लाभकारी मानी जाती हैं। किसान अपनी स्थानीय परिस्थितियों और बजट के अनुसार सही किस्म चुनकर कम समय में लागत निकालकर मोटा मुनाफा हासिल कर रहे हैं। Read More

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