भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों का मिजाज अब परंपरागत ईंधन से हटकर किफायती और आधुनिक विकल्पों की तरफ तेजी से झुक रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच यात्री वाहन बाजार में पेट्रोल और एथेनॉल चालित कारों की बाजार हिस्सेदारी 45.95% से घटकर 41.27% पर आ गई है।
इसके मुकाबले सीएनजी, एलपीजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों का संयुक्त हिस्सा बढ़कर 41% तक पहुंच चुका है, जिससे दोनों वर्गों के बीच का अंतर लगभग खत्म हो गया है। Read More

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