पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के विशेषज्ञों ने युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हेयरफॉल और असमय सफेद बालों को लेकर सतर्क किया है। बदलती जीवनशैली, अत्यधिक मानसिक तनाव और फास्ट फूड का बढ़ता सेवन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि बालों की सेहत पर भी सीधा असर डाल रहा है। ट्राइसिटी (पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली) समेत उत्तर भारत के युवाओं में स्टाइलिश दिखने की होड़ में कॉस्मेटिक उत्पादों का अंधाधुंध इस्तेमाल इस संकट को और गंभीर बना रहा है।
आयुर्वेद में असमय बाल सफेद होने की इस स्थिति को 'पालित्य' नाम दिया गया है। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में इस समस्या पर चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। Read More

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